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टोल पर हल्ला बोल, दो घंटे रहा फ्री, बाउंसरों की गुंडागर्दी के विरोध में उतरे ग्रामीण

7 वर्ष पहले
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फोटो- टोल नाके से बिना शुल्क दिए निकलते वाहन
गुड़गांव। दिल्ली-गुड़गांव-जयपुर एक्सप्रेस वे स्थित खेड़की दौला टोल प्लाजा पर सोमवार को स्थानीय लोग टोल पर बाउंसरों द्वारा की जाने वाली गुंडागर्दी के विरोध में सुबह दस बजे प्रदर्शन करने पहुंचे। इस दौरान नाराज ग्रामीणों ने सवा दो घंटे तक टोल को जबरदस्ती फ्री कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि टोल पर गुंडागर्दी के लिए टोल प्रबंधन ने बाउंसरों को लगा रखा है, जो आसपास के ग्रामीणों से भी टोल वसूलने पर आमादा हैं। टोल फ्री किए जाने के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल पूरी तरह मूक दर्शक बना रहा। हालांकि टोल प्रबंधन व ग्रामीणों के बीच इस दौरान कई बार बातचीत हुई। एडीसी पुष्पेन्द्र सिंह चौहान व एसडीएम ओमप्रकाश ने ग्रामीणों काे आश्वासन दिया कि उनके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की जाएगी। साथ ही आश्वासन दिया गया कि ग्रामीणों के लिए टोल पर अलग लेन बनाई जाएगी। इस आश्वासन के बाद करीब ढाई बजे ग्रामीण टोल से हट गए।

दिल्ली-जयपुर हाइवे का संचालन कर रही मिलेनियम सिटी एक्सप्रेस वे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने टोल वसूली का काम स्काई लार्क सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त कंपनी ने बाउंसर तैनात किए हुए हैं जो आसपास के ग्रामीणों द्वारा पहचान पत्र आदि दिखाने के बावजूद उनसे टोल वसूलने पर उतारू रहते हैं। जनवरी 2008 में एक्सप्रेस वे के संचालन के समय से ही 42 गांवों के लिए टोल फ्री किए जाने की घोषणा की गई थी। अब ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी के बाउंसर गाड़ियों को रुकवाकर पहचान पत्र दिखाने के बावजूद उनसे जबरदस्ती टोल वसूलते हैं और मारपीट तक पर उतारू हो जाते हैं। इस गुंडागर्दी के विरोध में ग्रामीणों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन की घोषणा कर दी थी। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि वे टोल वसूली की जबरदस्ती किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। सोमवार को सुबह दस बजे स्थानीय लोग काफी संख्या में टोल प्लाजा पर जमा हो गए। करीब सवा 11 बजे टोल के बूम बैरियर हटा वाहनों को टोल फ्री कर दिया। मौके पर पहुंचे एसीपी नरेंद्र सिंह कादियान के आश्वासन के बाद ग्रामीण टोल से हट गए, लेकिन जब करीब एक घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। नाराज ग्रामीणों ने फिर करीब साढ़े 12 बजे टोल बैरियर के बूम उठाकर वाहनों को टोल फ्री कर दिया।
मौके पर पहुंचे एडीसी और एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाया कि घोषित 42 गांवों के लोगों से टोल नहीं वसूला जाएगा। नोटिफिकेशन के चलते वे इस संबंध में लिखित नहीं दे सकते लेकिन उनका विश्वास करो कोई भी जबरदस्ती उनके साथ नहीं होने दी जाएगी। इसके अलावा इन गांवों के लिए टोल पर अलग से लेन बनाई जाएंगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने टोल बूम को छोड़ दिया और हाइवे से हट गए।
सुबह से होता रहा हंगामा
खेड़की दौला टोल बैरियर पर सुबह दस बजे से ही ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरू कर दिया था। टोल प्रबंधन द्वारा इस संबंध में जिला के अधिकारियों को भी अवगत करा दिया था। इसके बावजूद टोल पर काफी अव्यवस्था रही। जिला प्रशासन की ओर से एडीसी पुष्पेन्द्र सिंह चौहान, एसडीएम ओमप्रकाश, एसीपी नरेन्द्र कादियान, एसीपी मानेसर, एसएचओ खेड़की दौला के अलावा सैकड़ों पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
टोल प्रबंधन ने लगाए आरोप
खेड़की दौला टोल प्लाजा प्रबंधन के सीईओ एस रघुरमन सीईओ की ओर से जारी विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि सोमवार की सुबह करीब 200 लोगों ने एकत्रित होकर टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ की और लूटपाट की। इसके अलावा टोल बैरियर के सीसीटीवी कैमरों का रुख बदलकर तोड़फोड़ करने सहित करीब 20 लाख रुपए का नुकसान तोड़फोड़ से होने की बात कही। प्रबंधन का आरोप है कि दो बार टोल फ्री किया गया। जो सुबह 11:27 से 11:44 बजे तक व 12:30 से 2:45 बजे तक रहा।
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