गुडग़ांव. भीमगढ़ खेड़ी निवासी जय सिंह यह जानने के लिए नगर निगम में छह महीने से धक्के खा रहे हैं कि निगम ने किस आधार पर उनका वर्षों पुराना कुआं तोड़ दिया। उन्होंने सूचना का अधिकार के तहत आवेदन भी किया, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। जय सिंह ने बताया कि गांव में वर्षों से निजी जमीन की सिंचाई के लिए यह कुआं बनाया था। इस कुआं के साथ ही पानी संचय के लिए हौदी और टीन शेड बनवाए थे।
निगम के तोड़-फोड़ दस्ते ने 28 जनवरी 2013 को सिंचाई की पूरी व्यवस्था तहस-नहस कर दी। इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है, जिससे वे खेती नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरटीआई से यह जानने की कोशिश की कि आखिर किस कानून और आदेश के तहत निगम ने ऐसा किया है। इस कार्रवाई से पहले उन्हें नोटिस क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने इस संबंध में 26 जुलाई 2013 को आरटीआई के तहत सूचना मांगी, मगर आज तक जवाब नहीं मिला है।
कई बार पत्राचार करने के बाद बीते 19 सितंबर को नगर निगम की ज्वाइंट कमिश्नर (हेडक्वार्टर) अंजू चौधरी ने जवाब देने के लिए संबंधित अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया। इसके बावजूद प्रार्थी को जवाब नहीं मिला। इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि उन्होंने आरटीआई को गंभीरता से लेने और निर्धारित समय सीमा में जवाब देने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी है।