नलवा. बचपन में सिक्कों के संग्रह करने का जुनून चढ़ा तो 68 वर्ष की उम्र तक करीब दो दर्जन विदेशी और 685 वर्ष पुराने भारतीय सिक्के इकट्ठे कर लिए तलवंडी रुक्का गांव के किरयाणा व्यापारी सत्यनारायण गोयल ने। गोयल के पास मोहम्मद बिन तुगलक के जमाने के करीब 685 वर्ष पुराने तक के सिक्के हैं।
उन्होंने अलग-अलग सदी के करीब 250 सिक्कों का संग्रह कर रखा है। सत्यनारायण कवि भी हैं। उनकी देशभक्ति को प्रेरित करने वाली कविताओं की करीब दो दर्जन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि पुराने सिक्के इकट्ठे करने की रुचि उन्हें बचपन से ही है। उन्होंने बताया कि वे सिक्के इकट्ठे कर विश्व रिकार्ड बनाना चाहते हैं। इसके लिए हर समय इधर-उधर भटकते रहते हैं।
दमड़ी से हुई सिक्के संग्रह करने की शुरुआत
सत्यनारायण बताते हैं कि उन्होंने संग्रह की शुरुआत दमड़ी से की थी। दमड़ी पुराने जमाने की मुद्रा है। इसके अलावा उनके पास आना, पाई, धेला, दमड़ी, चवन्नी, एक पैसा, दो पैसा और करीब 100 वर्ष पुराने दुर्लभ नोटों का भी संग्रहण है। सत्यनारायण के पास सन 1804 का सतकरतार सिक्का भी है जो गोल्ड और अन्य कई धातुओं से बना हुआ है।
11 गवर्नरों के सीरियल वाइज एक रुपये के नोट
सत्यनारायण के पास सिंगापुर, जर्मन, जापान, श्रीलंका, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, डेनमार्क, इटली आदि देशों के करीब चार दर्जन सिक्के हैं। ये भी करीब 100 से 150 वर्ष पुराने हैं। इसके अलावा उनके पास एक रुपये के 11 गवर्नरों के सीरियल वाइज कागज के नोट, 1616 ईस्ट इंडिया कंपनी के समय और संख्या 1,2,3, तक के कागज के नोट हैं।