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राणा रमण, अब लिखेंगे केवल कालीरामण

7 वर्ष पहले
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सभी जिलों से आए गोत्र के लोग

महापंचायत में हिसार जिला के सिसाय के अलावा रावलवास, धीरणवास, देवा, मुकलान, जींद जिला से थुआ, छातर, मांढी, पाढ़ा, कैथल जिला से देबन, सनाना के अलावा प्रदेश के लगभग सभी जिलों के गोत्र से जुड़े लोगों ने शिरकत की। पंचकूला और मेवात को छोड़ प्रदेश के लगभग सभी जिलों के लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई। पंजाब के पटियाला जिला के एक गांव से भी लोग महापंचायत में पहुंचे। इस गांव को सिसाय से जाकर बसे लोगों ने ही आबाद किया था।

प्रदेश में इन गोत्रों की हैं खाप

प्रदेशमें अभी तक गोत्र आधारित खापों में बूरा खाप, नैन खाप, मलिक खाप, दहिया खाप, हुड्डा खाप, श्योराण खाप, सांगवान खाप, ढुल खाप आदि हैं। कालीरामण खाप का गठन नई गोत्र खाप के रूप में किया गया है। यह खाप पूरी तरह से गैर राजनीतिक होगी और सामाजिक गतिविधियों पर ही अधिक ध्यान केंद्रित रखेगी। अगली गतिविधियों के संचालन के लिए महापंचायत में 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। प्रधान के नाम का सुझाव भी कमेटी ही देगी।

उपनाम का प्रयोेेग करने पर रोक

महापंचायतमें कालीरामण गोत्र के लोगों द्वारा गोत्र का नामकरण अपने अनुरूप करने पर नाराजगी जताई गई। कहा गया कि कालीरामण गोत्र के लोग अपनी सुविधा अनुसार दूसरे उपनाम प्रयोग करने लगे हैं। कुछ इलाकों में गोत्र के लोग अपने नाम के साथ राणा और कालिया उपनाम प्रयोग करते हैं, जबकि पानीपत, करनाल और कैथल आदि जिलों में रमण शब्द का प्रयोग किया जाता है। गोत्र के लोग भविष्य में संशोधन कर केवल कालीरामण शब्द का ही प्रयोग करेंगे।

कालीरामण गोत्र की खाप के गठन के लिए महापंचायत में 65 गांवों के लोग पहुंचे।

{ एक नवंबर को सिसाय में ही होगी दूसरी महापंचायत

भास्करन्यूज | हांसी

प्रदेशमें रविवार को एक और गोत्र खाप का गठन हो गया है। जाट समुदाय के कालीरामण गोत्र के सैकड़ों लोगों ने सिसाय में महापंचायत का आयोजन कर कालीरामण खाप के गठन के फैसले पर मुहर लगाई। महापंचायत की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता सीपी चौधरी ने की। इस मौके पर विभिन्न जिलों के 65 गांवों के लोगों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

महापंचायत का आयोजन प्राथमिक पाठशाला के मैदान में किया गया। दूर-दूर से पहुंचे लोगों को खाप के गठन की जरूरत और इसके सामाजिक पहलू से अवगत कराया गया। करीब साढ़े चार घंटे तक चली महापंचायत में गोत्र खाप के गठ