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उत्तर-पश्चिमी रेलवे के एक्सईएन रविवार को आए थे मुआयना करने, विरोध को देखते हुए बोले, डीसी करें जगह का चिह्नांकन
आरयूबी नंबर 2/9-3/0 के पक्षकारों के तर्क: रकम भी जमा की जा चुकी है
इसआरयूबी का रास्ता रिफ्यूजी कैंप से सामने पड़ने वाली बंद गली और श्मशान घाट तक जाता है। जानकार कहते हैं कि यहां आरयूबी के लिए अभी सर्वे नहीं हो सका। इसलिए हाल ही में शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने 2,35,300 रुपये नगर निगम के कमिश्नर डाॅ.एमएल कौशिक को रुपये जमा करने को कहा था। सूत्र कहते हैं कि शासन के निर्देश के बाद सर्वेक्षण की रकम जमा हो चुकी है। स्थानीय लोग यहां आरयूबी के निर्माण की मांग उठा रहे हैं।
^ दोनों ही पक्ष अपने हिसाब से आरयूबी के निर्माण की मांग उठाने लगे। मैंने आरयूबी की मांग करने वालो दोनों पक्षों से कह दिया है कि पहले जिला उपायुक्त से जगह का चिह्नांकन करा लें और भिजवा दें। जिससे उसी स्थान पर निर्माण के लिए सर्वे कराया जा सके। देवेंद्रकुमार,एक्सईएन, उत्तर-पश्चिमीरेलवे
आरयूबी नंबर 3/1-2 के पक्षकारों का तर्क
इसआरयूबी के निर्माण के लिए अर्से से मांग उठ रही है। मामला सीएम तक पहुंचा। स्थानीय लोग कहते हैं कि सर्वे के लिए नगर निगम प्रशासन को रेलवे के लिए 2,35,500 रुपये जमा कराने थे। प्रशासन और निगम का रूख स्पष्ट नहीं हुअा तो मामला अटक गया। रास्ता पटेल नगर होते हुए सेक्टर 16 17 तक जाता है।
पटेल नगर के लोगों ने बिना सर्वे लौटाए अफसर
भास्कर न्यूज | हिसार
पटेलनगर स्थित रेलवे लाइन पर बनने वाले हिसार-सादलपुर आरयूबी (रेलवे अंडर ब्रिज) के सर्वे से पहले ही उठा विवाद झगड़े तक पहुंच गया। रविवार को उत्तर पश्चिम के अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। दोनों पक्षों ने अपनी मांग के मुताबिक आरयूबी के सर्वे की मांग उठाई। विरोध बढ़ा तो मामला झगड़े तक पहुंच गया। इसलिए रेलवे के अधिकारी जिला उपायुक्त से पहले जगह का चिह्नांकन कराने की बात कहकर वापस लौट गए। पटेल नगर में लंबे समय से आरयूबी निर्माण की मांग उठ रही है। रविवार को सुबह 10.30 बजे उत्तर पश्चिमी के एक्सईएन देवेंद्र कुमार जगह देखने आए। करीब 100 मीटर के दायरे में दोनों ही स्थानों को देखा। अधिकारियों के सामने दोनों ही गुटों ने तर्कों के साथ मजबूती से पक्ष रखा। रेलवे अधिकारी कहते हैं कि एक करोड़ 11 लाख रुपये का बजट से अंडर ब्रिज बनना है। राज्य सरकार बजट देने को राजी है, मगर कई सालों से स्थानीय लोगों के विरोध के कारण आरयूबी राह आसान नहीं है।