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मैंने किसी को बंधक नहीं बनाया सभी को जाने दिया: रामपाल

7 वर्ष पहले
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‘मैंनेसतलोक आश्रम में किसी अनुयायी को कभी बंधक नहीं बनाया। सभी अनुयायियों को उनके घर जाने दिया। मेरे ऊपर लगे सभी आरोप झूठे हैं।’ ये दावा सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल ने गुरुवार को कोर्ट से बाहर आते हुए किया। आश्रम में टकराव के दौरान महिला अनुयायी और बच्चों की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए रामपाल तीन दिन के रिमांड पर था। पुलिस ने गुरुवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने रामपाल के दौलतपुर आश्रम की सर्च वारंट की मांग की है। पुलिस ने गुरूवार को अर्जी लगाई। रामपाल के वकील मनोज सैनी और अभिषेक चौधरी ने कोर्ट से अनुरोध किया कि अब तलाशी की कोई आवश्यकता नहीं है। आश्रम पहले से ही पुलिस के कब्जे में है।

रामपाल सहित छह

को भेजा जेल

पुलिसने रामपाल के बेटे विरेंदर सहित बरवाला निवासी बलजीत, जोगिंद्र और मनोज को देशद्रोह के केस में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बुधवार को गिरफ्तार किए गए बधावड़ के रामफल को एफआईआर 428 426 में पेश किया जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच रामपाल कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दरख्वास्त लगाई कि रामपाल को सेंट्रल जेल नंबर 1 से अनुयायियों से अलग रखा जाए। अदालत ने रामपाल को राजगढ़ रोड स्थित सेंट्रल जेल नंबर 2 में भेजने के आदेश दिए।

रामपाल करीब डेढ़ घंटे तक कोर्ट में रहा। कोर्ट से बाहर आते हुए जब रामपाल से मीडिया को सवाल पूछने का मौका मिला तो उन्होंने बेबाकी से सभी सवालों के जवाब दिए।

{अपनेऊपर दर्ज केस के बारे में क्या

कहना है।

मेरेऊपर लगे सभी आराेप झूठे हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है।

{पुलिसने देशद्रोह की धारा के तहत भी केस दर्ज किया है।

मैंनेकोई देशद्रोह नहीं किया। सब कुछ झूठ है।

{आश्रममें मरने वाले छह अनुयायियों की हत्या का मामला भी दर्ज किया गया है।

इनसभी मामलों से मेरा कोई लेना देना नहीं। सभी झूठे हैं।

पुलिस की गिरफ्त से रामपाल के बेटे और दामाद सहित करीब 50 अनुयायी फरार हैं। इनमें रामपाल की निजी सेविका भी शामिल है। रामपाल के वकील मनोज सैनी और अभिषेक चौधरी ने कोर्ट में पुलिस से कहा कि यदि उन्हें मामले में अभी किसी अभियुक्त की तलाश है तो पुलिस उन्हें उनकी सूची उपलब्ध कराएं। इसके बाद सभी का कोर्ट में सरेंडर कराया जाएगा।

हिसार बार एसोसिएशन का