हिसार। इस बार विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों को नामांकन के दौरान शपथ-पत्र में
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मोबाइल मैसेज आदि के उपयोग का भी ब्योरा देना होगा। यदि शपथ-पत्र में ब्योरा नहीं देंगे और इन संसाधनों से प्रचार करते हुए पकड़े गए तो ऐसे प्रत्याशियों पर आचार संहिता उल्लंघन की तर्ज पर मामला दर्ज हो जाएगा। यह फैसला चुनाव आयोग ने लिया है।
प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी विपक्षी प्रत्याशियों और विरोधी दलों पर सोशल साइट से यूं ही दुष्प्रचार नहीं कर सकेंगे। क्योंकि इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान कई ऐसे मामले आए थे जिसमें शोसल साइटों का दुरुपयोग किया गया था। इसलिए चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों से शपथ पत्र में सोशल साइटों का ब्योरा देने का फरमान जारी किया है। वहीं, मोबाइल मैसेज का यूज करेंगे उसका ब्योरा भी नामांकन में देंगे।
इन पर रहेगी निगाहें> फेसबुक
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चुनाव आयोग ने यह फैसला निष्पक्षता से चुनाव कराने और आचार संहिता के उल्लंघन को रोकने के लिए लिया है। सभी रिटर्निंग ऑफिसरों को इनकी निगरानी रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई प्रत्याशी इन संसाधनों का उपयोग बिना बताए करेगा तो कार्रवाई होगी\\'\\' डा.एमएल कौशिक, डीसी,हिसार।
बीते लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों ने सोशल साइट, मोबाइल मैसेज, सोशल साइट नेटवर्किंग आदि का प्रचार में जमकर दुरुपयोग किया था। इनकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर चुनाव आयोग तक पहुंची थी। कई मामले पकड़े भी गए। हालांकि कोई गाइड लाइन बनने के कारण प्रत्याशियों पर कार्रवाई नहीं हुई। प्रत्याशी इस बार इन संसाधनों का उपयोग मर्यादा में रहकर करें और दुष्प्रचार रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।
आगे : रिटर्निंग ऑफिसर दिखाएंगे सक्रियताआचारसंहिता का पालन कराने के अलावा आदमपुर, उकलाना, नारनौंद, बरवाला, हिसार और नलवा के सभी रिटर्निंग ऑफिसर सोशल साइटों के उपयोग की भी निगरानी रखेंगे। यदि किसी प्रत्याशी ने शपथ-पत्र में सूचना दिए बगैर इनका यूज करेंगे तो यह आरओ संबंधित प्रत्याशी की शिकायत की जांच करेंगे। जांच की रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को देंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी जांच की रिपोर्ट चुनाव आयोग तक भेजेंगे।