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यूरिया मिलने पर किसानों ने 2 घंटे हाईवे पर ट्रैिफक रोके रखा
खाद को लेकर क्षेत्र के दर्जनों किसान एक बार फिर बिफर गए। इससे पहले भी किसान खाद की समस्या को लेकर तीन बार नेशनल हाईवे को पिछले दिनों जाम कर चुके हैं। शनिवार को कतार में लगे रहने के बाद जब काफी देर तक उन्हें खाद नसीब नहीं हुआ तो किसानों का गुस्सा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया।
रोषित किसानों ने पहले नारेबाजी की, फिर हाईवे की तरफ कूच कर गए। यहां के अग्रसेन चौक पर किसानों ने एकत्रित होकर हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे के बीच बैठ रोड जाम कर दिया। जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मामले की सूचना पाकर पुलिस भी पहुंची तथा किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने। किसानों ने करीबन दो घंटे तक हाईवे पर ट्रैफिक जाम रखा। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान इस बात पर अड़े रहे की उनकी समस्या का स्थाई हल किया जाए। किसानों ने इस बीच पुलिस की बात मानने से इंकार करते हुए मार्ग को बाधित किए रखा। बाद में जब किसानों को आभास हुआ कि उनकी फरियाद सुनने मौके पर कोई अधिकारी नहीं आने वाला, तो स्वयं ही हाईवे खाली कर दिया। जाम लगाने वाले किसानों ने बताया कि सुबह 6 बजे वे यहां खाद लेने के लिए पहुंचते हैं, मगर उन्हें खाद नहीं मिलता। किसानों ने इस बीच यह भी आरोप लगाया कि कुछ बीज-विक्रेता एरिया में खाद की ब्लैक भी कर रहे हैं।
बरवाला में खाद की समस्या को लेकर हाईवे पर ट्रैफिक जाम करते किसान।
जाम से शहर भी थमा
यूरियाकी मांग कर रहे किसानों द्वारा अग्रसेन चौक पर लगाए गए जाम के कारण शहर भी थम कर रह गया। मुख्य मार्ग सहित अन्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाने से शहर में यातायात व्यवस्था काफी प्रभावित रही।
अभी 17 हजार बैग की जरूरत:बीएओ
कृषिविभाग द्वारा इस बार क्षेत्र में फसलों की बिजाई के हिसाब से यूरिया का टारगेट 2 लाख 34 हजार रखा गया था। अक्टूबर माह में एजेंसियों के पास यूरिया का स्टॉक करीबन 69 हजार था। बाद में यहां करीबन डेढ़ लाख यूरिया के बैग की आपूर्ति हुई। जिसे नवंबर, दिसंबर जनवरी माह में किसानों को आवंटित किया गया। एडीओ डॉ. बलजीत चोपड़ा ने बताया कि फरवरी में 17 हजार यूरिया के बैग और आने हैं।