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सुकन्या समृद्धि खाता कर रहा बेटियों के नाम बचत

6 वर्ष पहले
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बेटीबचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम के साथ बेटियों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए शुरू की गई समृद्धि योजना कारगार साबित हो रही है। चूंकि बेटियों के परिजन एक वित्तीय वर्ष में डेढ़ लाख रुपये तक खाते में जमा करा सकेंगे। वित्तीय वर्ष में जमा हुए धन पर 9.1 फीसद की दर से ब्याज मिलेगा।

जिस बेटी के नाम से यह धन जमा होगा, वह बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरा होने के बाद ही आधी रकम निकाली जा सकेगी। जबकि 21 वर्ष पूरी होने पर बेटी की सहमति से पूरी रकम निकाली जा सकेगी। यह योजना 22 जनवरी से लागू की गई थी। बेटियों के नाम परिजनों को बचत की आदत डालने के लिए सुकन्या समृद्धि खाता कारगार साबित होगा।

सुकन्या समृद्धि योजना में बचत की वार्षिक दर भी डाकघर में चल रही दूसरी बचत स्कीमों से ज्यादा है। इसमें बचत के लिए जमा करवाई गई राशि लड़की के 18 साल की होने से पहले निकाली नहीं जा सकती। खाते में तब तक राशि सिर्फ जमा करवाई जा सकती है।

^यह योजना बैंक और डाकघर दोनों में लागू की गई है। खाता बैंक से डाकघर डाकघर से बैंक में स्थानांतरित हो सकता है। डाकघर में अभी तक सुकन्या योजना में करीब 100 खाते खुल चुके हैं। इस योजना में डेढ़ लाख रुपये तक की राशि पर टैक्स नहीं लगता।’’ अनिलरोज, सहायक अधीक्षक (मुख्यालय) हिसार डाक मंडल

सुकन्या समृद्धि खाता योजना को लड़की 21 साल की होने के बाद बंद करवा सकती है। लड़की के 21 साल होने तक यह खाता चलता रहेगा। जमा राशि को निकालने के लिए लड़की का 18 साल का होना जरूरी है। 18 साल के बाद लड़की रुपये निकाल सकती है और वह भी जमा राशि का आधा ही।

किसी वजह से अगर खाता धारक लड़की की मृत्यु हो जाए तो जमा करवाई गई राशि अभिभावक को ही मिलेगी। योजना में नॉमिनी की जगह आपरेटर बनाया गया है। जो पॉलिसी को आपरेट करता है

योजना के तहत अभिभावक डाकघर या बैंक में नवजात से 10 साल तक आयु की लड़कियों का खाता 1000 रुपये देकर खुलवा सकते हैं। 100 रुपये से लेकर डेढ़ लाख तक वित्तीय वर्ष में जमा करवा सकते हैं