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ट्रेन हुई बेपटरी, अव्यवस्था से गुस्साए लोग

7 वर्ष पहले
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कई घंटे तक आउटर पर खड़ी रहने के कारण ट्रेने हुईं लेट

हनीसोनी | हिसार

सिरसा-दिल्लीएक्सप्रेस ट्रेन की दो बोगियां तड़के पांच बजे हिसार जंक्शन के पास पटरी से उतर गई। गनीमत रही कि हादसे में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन इस वजह से हिसार भिवानी ट्रैक बाधित हो गया और प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर ही ट्रेनों का आवागमन हो सका। इस दौरान रेलवे की अव्यवस्था और आपदा प्रबंधन में लापरवाही सामने गई। अव्यवस्था से नाराज यात्रियों ने काफी देर तक हंगामा भी किया।

हुआ यह कि शुक्रवार सुबह पंाच बजे सिरसा से दिल्ली जाने वाली ट्रेन हिसार जंक्शन से जैसे ही निकली मात्र 200 मीटर की दूरी पर जाते ही बोगी संख्या 13478 पटरी से उतर गई। ड्राइवर ने ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान टदूसरी बोगी संख्या 13471 भी पटरी से उतर गई। इस कारण हरेक ट्रेन तीन बजे तक आउटर पर खड़ी रही और यात्रियों को पैदल ही स्टेशन पर पहुंचना पड़ा। इसके अलावा लुधियाना-सादलपुर ट्रेन का सुबह का रूट रद्द कर दिया गया। इस कारण किसान एक्सप्रेस, रेवाड़ी-फाजिल्का, हिसार-रेवाड़ी सहित करीब आधा दर्जन ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी पर पहुंची। करीब दो घंटे बाद ट्रेन की 6 बोगियां अलग कर दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।

हमारी बोगी पलटते पलटते बची

ट्रेनमें दिल्ली जा रहे आदमपुर मंडी निवासी राजीव शर्मा ने घटना के बारे में बताया कि वह और उनके दो दोस्त बोगी संख्या 13478 में बैठे बातचीत कर रहे थे। स्टेशन से ट्रेन निकली ही थी कि इसी दौरान जोरदार धमाका हुआ। इसी बोगी में सफर कर रहे हिसार निवासी घनश्याम आहुजा ने बताया कि जैसे ही बोगी पटरी से उतरी जोरदार आवाज के साथ जाेरदार झटका लगा। ट्रेन की बोगी टेढ़ी हो गई, उस समय उन्हें लगा मानों वो नहीं बचेगें। ट्रेन की बोगी संख्या 13471 में सफर कर रहे हरीश शर्मा ने बताया कि पहली बार उनके जीवन में ऐसी कोई घटना हुई है। सड़क हादसों के डर के कारण ही मैं ट्रेन में सफर करने को ज्यादा प्राथमिकता देता हूं। दुर्घटना के बाद मेरे सांसें ही अटक गई थी। अब तो ट्रेन का सफर भी सुरक्षित नहीं रहा।

रायपुर स्टेशन पर यात्रियों ने रोकी ट्रेन

हुआयूं कि बोगियों के पटरी से उतरते ही स्टेशन परिसर पर 8 बजकर 20 मिनट पर एनाउंसमेंट कर दी गई कि अमृतसर-सादलपुर सवारी गाड़ी रायपुर स्टेशन से ही रवाना होगी। जिसके बाद इस रूट पर सफर करने वाले दैनिक यात्री ऑटो पकड़कर तुरंत रायपुर स्टेशन पर पहुंचे। इसी दौरान उन्हें मालूम पड़ा कि ट्रेन का यह रूट रद्द रहेगा। दैनिक यात्री कपिल, सोनू शर्मा, सतपाल सिंह ने बताया कि ट्रेन का रूट रद्द करने का कारण उन्हें ट्रैक का बाधित होना बताया गया। इसी दौरान धुरी-सिरसा ट्रेन रायपुर स्टेशन पहुंची तो उसे आगे जाने के लिए हरी झंडी दे दी गई। जिसके बाद यात्री अपनी बात पर अड़ गए और ट्रेन को चलाने की बात स्टेशन अधिकारियों के सामने दोहराने लगे। जब बात नहीं बनी तो करीब 30 लोग धुरी-सिरसा ट्रेन के सामने पटरी पर बैठ गए। जिन्हें रेलवे पुलिस के अधिकारी ने समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया।

पहले भी हो चुकी है ऐसा, ट्रैक का पार्ट बदला

मौकेपर पहुंचे कृष्णा नगर निवासी सतीश जांगड़ा ने बताया कि करीब तीन-चार साल पहले भी इसी ट्रैक पर ऐसा ही हादसा हुआ था। उस समय सवारी गाड़ी को रिवर्स स्टेशन पर ले जाया जा रहा था कि इसी दौरान घटना घटी थी। रेलवे डीआरएम के पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों ने इस ट्रैक का कुछ हिस्सा भी बदल दिया ताकि भविष्य में ऐसी घटना घटित हो। ट्रेन के पटरी से उतरने की जानकारी मिलने के बाद दोपहर करीब 12 बजे डीआरएम आरकेसक्सेनाा मौके पर पहुंचे और मामले की जांच

21 बोगियों की जगह 15 बोगियों को किया रवाना

सिरसा-दिल्लीएक्सप्रेस ट्रेन में कुल 21 बोगियां थी। दो बोगियां पटरी से उतरने के बाद ट्रेन की 6 बोगियों को अलग कर दिया गया और सुबह करीब 7 बजे 15 बोगियों के साथ ट्रेन को दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। जिसके 10 मिनट बाद ही रेलवे अधिकारियों सहित कर्मचारियों ने पटरी से उतरी बोगियों को वापस पटरी पर लाने की कवायद शुरू कर दी।

हिसार। हिसार-धुरी ट्रेन को रोकने के लिए रेलवे ट्रैक पर बैठे लोगों को समझाता रेलवे पुलिस कर्मचारी।

हिसार। क्रेन की सहायता से ट्रेन को वापिस ट्रैक पर लाते हुए।