पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 4 सिटी बसों से नहीं चलेगा काम

4 सिटी बसों से नहीं चलेगा काम

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सामाजिक संस्थाअों शहरवासियों ने प्रशासन को चेताया

शहरमें सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग तेज होने लगी है। भास्कर ने पड़ताल की तो शहर में केवल दो ही सिटी बसें चलती हुई मिली जबकि, एक गांव के फेरे लगाती हुई मिली थी। सिटी बसें के संख्या बढ़ाने के लिए मुहिम चलाई तो दो की जगह शहर में चार सिटी बसें चलानी शुरू कर दी गईं।

वहीं, शहर में 10 सिटी बसें चलाए जाने की मांग के लिए रविवार को शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाएं अन्य शहरवासी आगे गए हैं। शहर के निवासियों का कहना है कि चार सिटी बसों से काम नहीं चलेगा 10 ही चलानी पड़ेंगी। लोगों का कहना है कि 10 सिटी बसें चलवाने के लिए वह आंदोलन भी करने के लिए तैयार हैं।

वहीं इस बारे में हिसार डिपो के यातायात प्रभारी धर्मपाल बिश्नोई ने कहा कि डिपाे मे बसों की संख्या कम होने के कारण सिटी बसों को गांवों के लिए चलाया गया है। सिटी बसों को शहर में चलवाने के लिए अधिकारियों से बात करूंगा।

फव्वारा चौक निवासी गांव धिकताना के पूर्व सरपंच सतबीर ने कहा कि सिटी बस पर शहरवासियों का ही अधिकार है। इन बसों को शहरवासियों के लिए चलना चाहिए। वे सिटी बसों की संख्या बढ़ाने के लिए जीएम को ज्ञापन देंगे।

फव्वारा चौक स्थित ज्योति बुक सेंटर के संचालक आरडी वर्मा ने कहा कि वे जल्द ंही शहर के सभी बुक सेंटरों के संचालकों से मिलेंगे आैर विचार-विमर्श कर रोडवेज आला अधिकारियों को सिटी बसों की संख्या बढ़ाई जाने की मांग करेंगे।

टाउन पार्क क्षेत्र में रहने वाले कबड्डी खिलाड़ी अमित ने कहा कि सिटी बसों की संख्या बढ़वाने के लिए वह अपने साथियों से मिलकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि सिटी बसों की संख्या कम होने के कारण विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी होती है।

जिंदल चौक निवासी राजेश टाक ने कहा कि सिटी बसों की संख्या अगर जल्द ही बढ़ी तो वे पड़ोसियों के साथ मिलकर सड़कों पर उतर जाएंगे। उन्होंने कहा कि सिटी बसों के शहर के सभी रूटों पर नहीं चलने के कारण शहर वासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सतरोल खाप की अध्यक्ष सुदेश चौधरी ने कहा कि सिटी बसों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए वे विधायक कमल गुप्ता से मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सिटी बसें के अभाव में महिलाओं लड़कियों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है।

कृष्णा काॅलोनी की रहने कविता ने कहा कि सिटी बस सर्