जाली करंसी रखने पर 6 आरोपित दोषी करार
एडीजेएसके शर्मा की अदालत ने जाली करंसी रखने के जुर्म में अमृतसर के परमजीत सिंह, गांव पूठी के राजेश फौजी, रामपाल, भिवानी के राममेहर, बलजीत और झज्जर के गांव धांधलान के राजपाल को शुक्रवार को दोषी करार दिया। अदालत उन्हें मंगलवार को सजा सुनाएगी। अदालत में चले अभियोग के अनुसार 7 मई 2012 को सीआईए के एएसआई सतबीर सिंह को मुखबरी मिली थी कि नकली नोटों का धंधा करने वाले दो आदमी बरवाला चुंगी पर आने वाले हैं। पुलिस ने नाकेबंदी कर दी और हांसी की तरफ से एक सेंट्रो कार में पुठी के राजेश फौजी के कब्जे से 2.50 लाख रुपए के जाली नोट एक बंदूक बरामद की थी। इसके बाद राजेश फौजी उसके साथी रामपाल को हिरासत ले लिया था। पूछताछ के दौरान राजेश फौजी ने बताया था कि वह एक व्यक्ति के माध्यम से अमृतसर के परमजीत सिंह के संपर्क में आया था। उसके बाद परमजीत ने दो नंबर का धंधा करने की बात कहकर उसे अमृतसर बुला लिया। यहां वे दोनों पाकिस्तान के बार्डर के पास से एक कार में 28 लाख रुपए की जाली करेंसी लाए थे। वह अमृतसर से 4 लाख के नकली नोट लेकर हिसार पहुंचा था। उसके बाद उसने रामपाल, राममेहर, राजपाल और बलजीत से साजबाज होकर नकली नोट बाजार में चलाने की योजना बनाई। मगर वो पहले ही पुलिस के जाल में फंस गया।