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सरकारी दवाएं बेचने के जुर्म में तीन लोगों को कैद और जुर्माना
{बगैर डिग्री के बेच रहे थे सरकारी दवाएं
भास्करन्यूज | हिसार
मेडिकलहॉल पर सरकारी दवाइयां बेचने और बिना प्रक्टिस डिग्री के लोगों को दवा देने के मामले में कोर्ट ने दो अलग-अलग मामले में तीन लोगों को एक-एक साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दानों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
तत्कालीन डीआई रमन श्योराण ने बताया कि विभाग की टीम ने 2007 में बहबलपुर गांव में संचालित बाबा मेडिकल हॉल पर छापेमार कार्रवाई की थी। मेडिकल हॉल पर रणबीर और प्रताप बैठे थे। इस पर तत्कालीन डीआई रमन श्योराण और एसडीआई लालचंद मित्तल ने छापेमार कार्रवाई के दौरान कई प्रकार की ऐसी दवाइयां पकड़ी थी जो सरकारी थीं। कोर्ट ने इस मामले में रणबीर और प्रताप को एक एक साल की कैद की सजा सुनाते हुए दो दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, एक अन्य मामले में ड्रग्स विभाग की टीम ने 2010 में नारनौंद में फूलकुमार को बिना प्रेक्टिस प्रमाण पत्र के दवाइयां देते हुए पकड़ था।