पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पानी के लिए आमरण अनशन पर बैठे किसानों की तबीयत बिगड़ी

पानी के लिए आमरण अनशन पर बैठे किसानों की तबीयत बिगड़ी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लघुसचिवालय परिसर में गत माह से चल रहे धरने में बुड़ाक के किसानों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों की हालत बिगड़ती देख शुक्रवार को चिकित्सकों की टीम धरना स्थल पर चिकित्सीय जांच के लिए पहुंची, लेकिन किसानों ने जांच कराने से इनकार कर दिया। किसानों को समर्थन देने के लिए नलवा विधायक रणबीर गंगवा और अन्य संस्थानों के पदाधिकारी भी धरना स्थल पर पहुंचे। शुक्रवार को दूसरे दिन भी जंगीर कंबोज, मांगेराम राजलीवाल, बनवारी नहरा, दलीप सहारण और मांगेराम गिल आमरण अनशन पर बैठे रहे। दोपहर बाद किसानों की जांच के लिए चिकित्सकों की टीम धरना स्थल पर पहुंची, लेकिन किसानों ने एकजुट होकर चिकित्सीय जांच कराने से इंकार कर दिया। किसानों ने चेतावनी दे डाली कि वह मर जाएंगे, लेकिन जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक वह जांच नहीं कराएंगे। किसानों को समर्थन देने के लिए नलवा विधायक रणवीर गंगवा, मदद संस्था के संयोजक संजीव भोजराज, गोशाला संघ के प्रधान शमशेर आर्य और जागो मानव बनो इंसान के अध्यक्ष राजेश हिंदुस्तानी भी धरना स्थल पर पहुंचे। आश्वासन दिया कि वह किसानों के आंदोलन में साथ हैं। धरने की अध्यक्षता मास्टर बीरबल नत्थू सहारण ने की। इस मौके पर वीरेंद्र पूनिया, सतबीर गढवाल, दलपत मास्टर, जगदीश सरपंच, कृष्ण सरपंच, हरिकिशन अग्रोहिया, पवन लौरा, राजेश लौरा, प्रताप सहारण, महाबीर नंबरदार, भाल सिंह सेक्रेटरी, जयवीर नंबरदार, रामकुमार पिलानियां, रामस्वरूप प्रधान सहित सैकडों की संख्या में किसान मौजूद थे।

इनगांवों में किया जनसंपर्क

क्षेत्रके किसान नेताओं को जोड़ने के लिए शुक्रवार को किसानों ने किरतान, शाहपुर, लूदास, आर्यनगर, टोकस पातन, पनिहार, भेरियां सहित दर्जनों गांवों में जनसंपर्क किया।

लघु सचिवालय परिसर मेंं आमरण अनशन पर बैठे किसान।