हिसार. अच्छे दिन आने का दावा कर सत्ता में आई भाजपा की सरकार में भी किसान खाद, बीज और पानी की किल्लत झेल रहे हैं। सरकार बनते ही भाजपा के अच्छे दिन आए, मगर किसानों को खाद-पानी के लिए जिल्लत झेलनी पड़ रही है। जिले के किसी क्षेत्र में किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा तो किसी को यूरिया खाद। जिले में चार लाख चार हजार हेक्टेयर में से करीब साढ़े तीन लाख हेक्टेयर भूमि पर खेतीबाड़ी की जाती है। जिले में यूरिया की मांग का सिर्फ 40 प्रतिशत ही मिल सका है। कुछ व्यापारियों ने किसानों से पहले खाद की खरीद का स्टॉक कर रखा है। जिसे किसानों को तय रेट से 30 से 50 रुपये ज्यादा में खाद के कट्टे की बिक्री की जा रही है। जिले में यूरिया के लिए मारामारी मची है। हिसार के अलावा, बरवाला, नारनौंद, हांसी और आदमपुर कस्बों का भी यही हाल है। किसान बार-बार मांग उठाते हैं, मगर इसे लेकर न तो सरकार गंभीर है और न अधिकारी।
सहकारी सोसायटी केंद्रों पर यूरिया लेने के लिए किसानों की मारामारी चल रही हैं। वहीं अधिकारी यूरिया की थोड़ी कमी व एक सप्ताह देरी से आने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं। जिले में करीब 283 सहकारी सोसायटी केंद्रों पर खाद किसानों को बांटी जाती है। अक्टूबर से नवंबर तक जिले में करीब हजारों मीट्रिक टन यूरिया की खपत होती है।
283 निजी व सहकारी केंद्र
पूरे जिले में करीब 283 निजी व सहकारी सोसायटी केंद्र है। अक्टूबर से जनवरी माह तक इन पर करीब 79 हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत होती है, लेकिन अब तक 32 हजार मीट्रिक टन यूरिया ही इन सोसायटी केंद्रों पर उपलब्ध हो पाया है। प्रत्येक किसान को पांच कट्टे यूरिया मिलती है।
यूरिया खाद के लिए लगती है लाइनें
गांवों में सोसायटी केंद्रों पर किसानों के लिए यूरिया खाद उपलब्ध करवाई जाती है। इस बार यूरिया खाद की कमी के कारण किसानों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। खाद लेने के लिए किसान सुबह ही सोसायटी केंद्रों पर पहुंच जाते हैं, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ता है।
30 से 50 रुपये वसूल रहे अतिरिक्त
यूरिया के दो प्रकार के बैग किसानों को सोसायटी केंद्रों पर मिलते हैं। जिनकी कीमत उनकी गुणवत्ता के हिसाब से है। सोसायटी केंद्रों पर जहां साधारण यूरिया बैग 270.50 रुपये प्रति बैग है वहीं नीम कोटेड यूरिया बैग की कीमत 285 रुपये प्रति बैग है। यूरिया की कमी के कारण आढ़ती मनमाने दामों पर बैग किसानों को दे रहे हैं। अग्रोहा में आढ़ती किसानों से प्रति बैग 310 से 330 रुपये वसूल रहे हैं।