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26 को कर्मचारी महासंघ का सत्याग्रह आंदोलन
हरियाणाकर्मचारी महासंघ के आह्वान पर राज्य में जिला मुख्यालयों पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ दो घंटे का रोष प्रदर्शन किया। शहर में जिला प्रधान जयभगवान बडाला, कामरेड रूप सिंह दलीप सोनी की अध्यक्षता में धरना दिया गया। धरना में महासंघ से संबंधित सभी विभागीय यूनियनों रोडवेज, कराधान विभाग, पशुपालन विभाग, उपायुक्त कार्यालय, जनस्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, जीजेयू, खजाना विभाग आदि के सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। उधर, जीजेयू में कच्चे कर्मचारियों की बहाली की मांग की गई।
कर्मचारी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमएल सहगल रोडवेज के जिला प्रधान राजपाल नैन ने प्रदेश सरकार को कर्मचारी विरोधी सरकार करार देते हुए कहा कि पूर्व की सरकार द्वारा जनहित में जारी किए गए फैसलों को वापस लेने का फरमान जारी करके भाजपा सरकार ने कर्मचारी जनविरोधी काम किया है।
बड़ेआंदोलन की चेतावनी
हरियाणाकर्मचारी महासंघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर संगठन के नेताओं से बातचीत कर समस्याओं का समाधान नहीं किया तो कर्मचारियों के बड़े आंदोलन का सामना करना होगा। 26 फरवरी को हरियाणा कर्मचारी महासंघ के कर्मचारी सभी ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर होने वाले सत्याग्रह आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेंगे। धरना को कर्मचारी दर्शनलाल शर्मा, कुलदीप शर्मा, आनंद स्वरूप डाबला, राजकुमार लोहान, वीरू राम कुंडू, जियालाल, राजबीर बैनीवाल, कृष्ण कुमार, देशराज वर्मा, भूपसिंह प्रेमी, अमृत शर्मा, धर्मपाल, सतबीर गोस्वामी, नंदलाल आिद थे।
रजिस्ट्रार ने कर्मियों को दिया आश्वासन
उधर,जीजेयू के हटाए गए कच्चे कर्मचारियों के हड़ताल से पहले अखिल भारतीय परिसंघ के अध्यक्ष एमएल सहगल, जिला प्रधान जय भगवान बडाला, गैर शिक्षक संघ के प्रधान देशराज वर्मा कच्चे कर्मचारी प्रधान बृज भूषण को रजिस्ट्रार तुरान ने बात करने के लिए बुलाया। रजिस्ट्रार ने उन्हें आश्वासन दिया कि जो सीनियर कर्मचारी हटाए गए हैं उनको 19 फरवरी से पहले ड्यूटी पर ले लिया जाएगा। यह दावा बृज भूषण ने किया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
{घोषणा पत्र के अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान भत्ते लागू किए जाएं
{ प्रदेश के सभी विभागों में लगे करीब 1.50 लाख कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
{ सरकारी विभागों का निजीकरण बंद कर सभी रिक्त पड़े पदों पर स्थायी भर्ती की जाए।
{ श्रम कानूनों को लागू किया जाए।