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शोध पत्र की संख्या बढ़ाने की बजाए गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए : प्रो. सहाय

6 वर्ष पहले
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जीजेयूके हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस की दो दिवसीय राष्ट्रीय काॅन्फ्रेंस विश्वविद्यालय के चौधरी रणबीर सिंह सभागार में गुरुवार को शुरू हुई। ‘व्यापार प्रबंधन’ विषय पर हो रही काॅन्फ्रेंस के मुख्य अतिथि मुख्य वक्ता आईआईएम रायपुर के निदेशक प्रो. बीएस सहाय थे। प्रो. बीएस सहाय ने कहा कि शोध पत्र हर साल सैकडों की संख्या में प्रकाशित होते हैं।

गुणवत्ताबहुत जरूरी है

उन्होंनेकहा कि प्रोफेसरों को इनकी संख्या बढ़ाने की बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। बिना गुणवत्ता के शोधपत्र किसी काम के नहीं होते। शोधपत्र ऐसे होने चाहिए जिन्हें छात्रों अन्य शोधार्थियों को कुछ सीखने को मिले। बीएस सहाय ने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रोफेसरों को यह नहीं सोचना चाहिए कि उनका रिसर्च पेपर अंतरराष्ट्रीय जनरल में छपे। राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय कही भी शोध पत्र प्रकाशित हो उससे कुछ कुछ सीखने को मिलना चाहिए। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. एमएस तुरान, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक प्रो. एससी कुंडू, डीन काॅन्फ्रेंस की अध्यक्षा प्रो. ऊषा अरोड़ा, संयोजक डा. टीका राम सह संयोजक डाॅ. खुजान सिंह उपस्थित थे।

250से अधिक शोध प्रस्तुत होंगे

संगोष्ठीके संयोजक डाॅ. टीका राम ने बताया कि काॅन्फ्रेंस में 250 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। संगोष्ठी में 11 से अधिक राज्यों से 200 से अधिक शोधार्थी भाग ले रहे हैं। आठ तकनीकी सत्रों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में 90 विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी है। इस मौके पर जीजेयू के 200 शोधार्थी भी उपस्थित रहे। प्रो. एससी कुंडू ने बताया कि हमारे यहां 109 विद्यार्थी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की जूनियर रिसर्च फैलोशिप प्राप्त कर रहे हैं।