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मनुष्य को राम के आदर्शों पर चलना चाहिए : आचार्य रोहित
बैंककॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को आचार्य रोहित कृष्ण शास्त्री ने राम कथा सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को भगवान राम के आदर्शों पर चलना चाहिए। राम ने अपने पिता की आज्ञा को मानकर चौदह साल का वनवास काटा। आचार्य ने बताया कि रावण अहंकार का प्रतिक था। उसे मारकर भगवान ने पुन: धर्म की स्थापना की। जो व्यक्ति अहंकारी है और पर नारी को कुदृष्टि से देखता है वही रावण है। ऐसे अहंकार को राम कथा ही दूर कर सकती है। रामकथा योग शास्त्र है और कृष्ण कथा प्रयोग शास्त्र है, जब तक राम जैसा चरित्र नहीं आएगा तब तक कृष्ण कथा समझ नहीं आएगी।
कृष्णजन्मोत्सव पर मिठाइयां बांटीं
कृष्णकथा के बार आचार्य ने बताया कि जब कंस का अत्याचार बढ़ने लगा जिससे संत दुखी हो गए तब भगवान ने माता देवकी गर्भ में मथुरा में जन्म लिया और वासुदेव कृष्ण को गोकुल में नंदबाबा के घर लाए। कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा का पंडाल गुब्बारों से सजाया गया था कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने मिठाइयां बांटीं। नंद के घर आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की आदि भजन गाए। जिन्हें सुनकर लोग झूमने लगे।
अनाज मंडी में राधा-कृष्ण के साथ झूमीं महिलाएं
नई अनाज मंडी में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा के दौरान राधा-कृष्ण बने कलाकारों के साथ झूमतीं महिलाएं। इस दौरान पुरुष भक्त भी मौजूद रहे।