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संकट में भी प्रसन्न रहना चाहिए : प्रजापति
अनुपम जीवन उपयोगी प्रवचन शृंखला का शुभारंभ
भास्करन्यूज | हिसार
श्रीसनातन धर्म हनुमान मंदिर नागोरी गेट हिसार में बुधवार को जीवन उपयोगी प्रवचन शृंखला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में भारत के प्रखर सामाजिक आध्यात्मिक चिंतक, विचारक एवं उत्कृष्ट साधक भीकम चंद प्रजापति ने बताया कि आज के तनावग्रस्त वातावरण में जीवन में किस प्रकार प्रसन्नता, शांति सौहार्द की प्राप्ति की जा सकती है। साथ ही शारीरिक मानसिक रोगों तनाव से मुक्ति दिलाने के उपाय बताए।
प्रजापति ने बताया कि किसी भी उपाय से आपके अपने जीवन में सदैव प्रसन्नचित्त रहना है और प्रसन्नचित्त रहने का अर्थ है कि बड़े से बड़े संकट में भी चिंता, दुख, तनाव अशांति होना। संकट में भी निश्चिंत प्रसन्न रहना। उन्होंने बताया कि प्रसन्नता से शरीर में तीन तरह की शक्तियों का अपार मात्रा में निर्माण होता है।
भौतिक भाव आलौकिक शक्तियां चिंता से शरीर में ब्लड प्रेशर, शुगर, लकवा, कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियां पैदा हो जाती हैं। अगर आप अपने परिवार में एक साथ रहना सीख जाएंगे तो आप में प्रसन्नचित्त रहने की शक्ति जाएगी।
कार्यक्रम के बारे में मंदिर ट्रस्ट के प्रधान कैलाश चौधरी और संयुक्त सचिव बृजभूषण जैन ने बताया कि यह कार्यक्रम 22 सितंबर तक प्रतिदिन सायं 5.30 बजे से सायं 7.30 बजे तक श्री सनातन धर्म हनुमान मंदिर में चलेगा। गुरुवार 18 सितंबर से 22 सितंबर तक सुबह 7.15 बजे से 8.15 बजे तक भी कार्यक्रम का आयोजन होगा। उन्होंने लोगों ने कहा कि कार्यक्रम में भाग लें और जीवन को प्रसन्नचित्त रोग मुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
सनातन धर्म मंदिर में अनुपम जीवन के प्रवचन सुनते लोग।