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स्वयंसेवक लोगों को करेंगे जागरूक

7 वर्ष पहले
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सात दिवसीय शिविर में वक्ताओं ने राष्ट्रीय सेवा योजना की महत्ता बताई

भास्करन्यूज | हिसार

राष्ट्रीयसेवा योजना विद्यार्थियों में अनुशासन तथा जिम्मेदारी का अहसास कराती है। जो केवल समाज बल्कि विद्यार्थियों के स्वयं के विकास के लिए बहुत जरूरी है। दस विश्वविद्यालयों के एनएसएस छात्र शनिवार को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय पहुंच गए। सात दिवसीय शिविर में पहले दिन वक्ताओं ने राष्ट्रीय सेवा योजना की महत्ता बताई।

छात्र-छात्राएं सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान चलाकर जागरूकता भी फैलाएंगे। एचएयू में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राज्य स्तरीय शिविर में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक, महर्षि मारकंडेश्वर, भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय सोनीपत, एचएयू, जीजेयू सहित कुल 10 विश्वविद्यालयों के 150 छात्र-छात्राओं ने भाग किया। एग्रीकल्चर काॅलेज के सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि अनुसंधान निदेशक डाॅ. एसएस सिवाच राष्ट्रीय स्वयं सेवकों द्वारा समाज में की जा रही सेवाओं की सराहना की। समाज में व्याप्त कुरीतियों को लोगों में जागरूकता लाकर दूर करने का प्रयास करने के साथ एनएसएस स्वयं सेवक बाढ़ जैसी आपदाओं में पीड़ितों की सहायता करने में भी सदा आगे रहते हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर विद्यार्थियों में अनुशासन तथा जिम्मेदारी का सृजन होता है। देश को ऐसे ही अनुशासित नागरिकों की आवश्यकता है। एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन डाॅ. आरके पान्नू ने स्वच्छता, राष्ट्रीय एकता, वनों के विकास, रक्तदान, आपदा प्रबंधन में राष्ट्रीय स्वयं सेवकों के योगदान के बारे में बताया। छात्र कल्याण निदेशक डाॅ. धर्मपाल नांदल ने कहा एनएसएस स्वंयसेवक समाज सेवा के प्रत्येक क्षेत्र में सदा आगे रहते हैं तथा उन्हें स्वेच्छा से नेत्रदान के लिए भी आगे आना चाहिए। डाॅ. आरएस मलिक तथा एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी डाॅ. एके ढ़ाका भी मंच पर उपस्थित रहे।

स्वयंसेवकोंको नहीं दी पूरी जानकारी

शिविरमें होने वाले कार्यक्रम के बारे में स्वयं सेवकों को पूरी जानकारी भी नहीं दी गई। इससे देर से पहुंचने वाले स्वयं सेवक परेशान रहे। कुरुक्षेत्र विवि के एनएसएस छात्र दोपहर एक बजे एग्रीकल्चर महाविद्यालय पहुंचे लेकिन तब तक वक्ताओं का व्याख्यान खत्म हो चुका था। वह एक घंटे तक परेशान भटकते रह