पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बस अड्डा शिफ्ट होगा तब मिलेगी जाम से निजात

बस अड्डा शिफ्ट होगा तब मिलेगी जाम से निजात

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जामसे कराहती जनता ने बस अड्डे को शहर से बाहर शिफ्ट कराने की मांग उठाई है। जनता कहती है कि जाम से स्थायी तौर पर शहर को बस अड्डा बाहर शिफ्ट होने पर ही राहत मिल सकेगी। इसलिए जरूरत है कि परिवहन निगम और प्रशासन बस अड्डे को शिफ्ट कराने पर गंभीरता से काम करे। जिस स्थान पर अभी बस अड्डा संचालित है, वहां वाहनों का रैला लगा रहता है। जगह कम होने के कारण वाहन एक बार यहां फंसा तो शहरभर की सड़कों तक जाम का दबाव रहता है। यहीं से शुरू हो जाती है सुबह से दोपहर और शाम तक कई दफा जाम लगने की कहानी।

रोडवेज की बसों की रफ्तार हादसों का कारण भी बन चुकी हैं। ऐसे में बस अड्डा शिफ्ट होना समय की मांग बन चुकी है। करीब 18 माह पूर्व सेक्टर-14 में बस अड्डा स्थानांतरित होने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। 24 एकड़ में बस अड्डा बनकर तैयार होना था। मामले की पैरवी होने के कारण शासन स्तर पर प्रस्ताव पड़ा रहा, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ी। इसलिए मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

परेशान जनता बोली, कोई तो निजात दिलाए

अधिकारियों से मांगी है रिपोर्ट

जनता की आवाज को प्रशासन सुनता नहीं है। एक दिन में यदि पांच-पांच घंटे जाम लगेगा तो जनता का क्या होगा। शहर में पहले अत्याधुनिक बस अड्डा निर्मित होने का प्रस्ताव तैयार हुआ था। अजीतकुमार, स्थानीयनिवासी अर्बन एस्टेट द्वितीय

बस अड्डे को शिफ्ट कराने का मामला कई बार उठा। दो से तीन बार प्रस्ताव बना और चर्चा तक हुई। हालांकि बस अड्डे की दूरी के चलते हर बार मामला अटक जाता है। कुशलकटारिया, जीएम,रोजवेज

सड़कों से निकलती तेज बसों के कारण बच्चों को घर से बाहर भेजने से पहले ही टेंशन होने लगती है। एक स्थान से दूसरी जगह जाने के लिए एक से लेकर तीन घंटे तक लग जाते हैं। बस अड्डा शहर से बाहर होना चाहिए। इससे जाम से निजात मिलेगी। डाॅ.अनुराग बिश्नोई, स्थानीयनिवासी सिविल अस्पताल के पीछे

बस अड्डा शहर से शिफ्ट हो जाए तो जनता को जाम से निजात मिल जाएगी। इसलिए हमने परिवहन निगम से विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। इसमें पहले क्या प्रयास हुए और कहां बस अड्डे को शिफ्ट कराया जा सकता है। डा.कमल गुप्ता, विधायक,हिसार

बस स्टैंड के पास हर रोज कुछ इसी तरह का नजारा रहता है। ट्रैफिक सिस्टम नहीं होने से अक्सर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

हिसार। व्यापारियों को संबोधित करते व्यापार मंडल के प्र