पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बिजली दामों में वृद्धि पर संपत सिंह सहित 600 लोगों ने खोला मोर्चा

बिजली दामों में वृद्धि पर संपत सिंह सहित 600 लोगों ने खोला मोर्चा

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हजारोंकरोड़ रुपये के घाटे की पूर्ति के लिए दक्षिणी और उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली शुल्क बढ़ाने की तैयारी में है। 1 अप्रैल से नए रेट लागू करने के लिए दोनों निगमों ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा हुआ है। इसके खिलाफ पूर्व वित्तमंत्री एवं कांग्रेस नेता प्रो. संपत सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। आयोग ने 13 जनवरी को प्रो. संपत सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए पंचकूला दफ्तर में बुलाया है। नियमानुसार बिजली निगमों को बिजली शुल्क बढ़ाने के लिए नियामक आयोग से मंजूरी लेनी होती है। ऐसा कोई प्रस्ताव मिलने पर आयोग आमजन से दावे और आपत्ति आमंत्रित करता है।

पिछले साल दोनों निगमों ने आयाेग में प्रस्ताव भेजकर कहा था कि वे नए वित्त वर्ष 2015-2016 में बिजली के दामों को 15 प्रतिशत तक बढ़ाना चाहते हैं। आयोग ने 28 दिसंबर तक उपभोक्ताओं से आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया था। कांग्रेस नेता प्रो. संपत सिंह ने प्रदेश में बिजली की आय-व्यय और घाटे का आंकलन करने के बाद आयोग में आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसमें उनके अलावा 600 उपभोक्ताओं के हस्ताक्षर हैं। प्रो. संपत ने बातचीत में कहा कि बिजली क्षेत्र में आधुनिकीकरण के लिए बोर्ड को खत्म करके निगमों का गठन हुआ था। मगर निगमों ने बेहतर काम नहीं किया। पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि वह निगमों का प्रस्ताव और आपत्ति पर निगम के जवाब का अध्ययन करके 61 पेज का जवाब तैयार कर चुके हैं।

संपत सिंह का कहना है कि प्रदेश में 15151 ग्रामीण घरेलू फीडर हैं, जिनमें 1371 पर 30 प्रतिशत से ज्यादा बिजली का नुकसान हो रहा है। इनमें से 13 फीडर पर 90 प्रतिशत से ज्यादा लाइन लॉसिस है। गोहाना के सिकंदरपुर माजरा फीडर पर सर्वाधिक 98.66 प्रतिशत नुकसान है। 791 फीडर पर 70 प्रतिशत से ज्यादा और 1060 पर 50 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉसिस है। इसका मतलब साफ है कि निगम बिजली चोरी रोकने में नाकाम है, जिसका भुगतान ईमानदार उपभोक्ताओं से करना चाहता है।

निगमों में घाटा 26806 करोड़

20 लाख उपभोक्ताओं पर बकाया 6000 करोड़

बकाया लोन 28040 करोड़