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ग्रामीण बोले-पंचायत चुनाव से पहले दहशत फैलाने के लिए की थी वारदात
बिठमड़ा के लिए बुक कार को पिस्तौल के बल पर लूटा
16 घंटे बाद कृष्ण का शव उठाया
बिठमड़ागांव में मंगलवार को हुए हत्याकांड के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने करीब 16 घंटे के बाद पुलिस को कृष्ण का शव दिया। रोड पर ट्रैफिक जाम कर रहे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सौरभ सिंह के आश्वासन के बाद हटे। पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को हत्याकांड में मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। हालांकि उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रयास अगले 24 घंटे में आरोपियों को पकड़ने का है। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने शव को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले में आगे की कार्रवाई की।
सर्दीमें रातभर सड़क पर डटे रहे ग्रामीण
गांवमें सरेआम हत्याकांड से दहशत और आक्रोश के कारण ग्रामीण शव को लेकर रातभर हिसार-टोहाना मार्ग पर बैठे रहे। ग्रामीण एसपी के मौके पर पहुंचने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। बाद में पुलिस अधीक्षक गुड़गांव से सुबह 7 बजे ग्रामीणों के बीच पहुंचे। यहां पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी लेकर परिजनों और ग्रामीणों से शव पुलिस को सौंपने की अपील की। एसपी ने कहा कि हत्याकांड में शामिल आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
माैजूदसरपंच उसके भाई सहित 7 नामजद
उकलानाथाना प्रभारी जगदेव सिंह पालीवाल ने बताया कि हत्या के मामले में गांव के मौजूदा सरपंच बलसेर, उसके भाई सत्यनारायण, कृष्ण उर्फ पाड्या, चरणा और रतन सहित अन्य पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पिता की हत्या के बावजूद कभी विवाद नहीं रहा कृष्ण और बलसेर का
वर्ष2008 में बलसेर के भाई सत्यनारायण ने मृतक कृष्ण के पिता बालाराम की लाठी डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद सत्यनारायण को गिरफ्तारी के बाद जेल भेज दिया गया था। बीते आठ साल में तो कृष्ण का बलसेर से कोई बैर रहा और ही कृष्ण के भाई कुलदीप ने कभी दुश्मनी को आगे बढ़ाया।
एसएचओ ने कहा था बर्खास्त करवा दो, इससे ज्यादा कार्रवाई नहीं
ग्रामीणोंका आरोप है कि करीब एक सप्ताह पहले मुख्य आरोपी ने गांव में एक घर के सामने खड़ी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए थे। अगले दिन एक ग्रामीण के पशुओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। ग्रामीणों ने बताया कि तब एसएचओ ने कहा था कि भले ही उनको बर्खास्त करा दो या ट्रांसफर, इससे ज्यादा कार्रवाई संभव नहीं।
यह था मामला
बिठमड़ामें मंगलवार शाम कुछ लोगों ने कृष्ण की हत्या कर दी थी। हत्याकांड से गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध में हिसार-टोहाना मार्ग को बंद कर दिया था और शव पुलिस को नहीं सौंपा था। ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी अौर पुलिस अधीक्षक से बात करने की मांग को लेकर राेड पर बैठे थे।
हत्या से पहले फायरिंग
ग्रामीणोंका आरोप है कि कृष्ण की हत्या करने से करीब आधा घंटे पहले आरोपियों ने गांव के ही जवाहरी के मकान के बाहर फायरिंग की थी। लेकिन डर के कारण कोई भी मकान के बाहर नहीं आया। इसके बाद आरोपियों ने गाड़ी से पूरे गांव का राउंड लगाया। फिर उन्होंने कृष्ण को निशाना बनाया।
4 लोगों ने की वारदात
कृष्णकी हत्या की वारदात के लिए तीन गाड़ियों में करीब 20 से 25 लोग आए थे, लेकिन गाड़ी में से चार ही बाहर आए। मृतक के बहनोई राजकुमार का आरोप है कि बलसेर सहित कृष्ण उर्फ पाड्या, चरण सिंह और मास्टर रतनसिंह बाहर निकले। चौपाल में खींचकर कृष्ण को गोली मारी।
वारदात के तुरंत बाद ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस करीब 10 मिनट बाद वारदात स्थल पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की जिप्सी ने आरोपियों की गाड़ी का काफी दूर तक पीछा किया। फिर भी पुलिस गांव में खाली हाथ लौट आई। ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश ही नहीं की।