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नर्सिंग स्टूडेंट का 25 साल में सिर्फ 250 बढ़ा वजीफा

7 वर्ष पहले
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छठावेतन आयोग लागू हो चुका है। कर्मचारियों का वेतन दोगुना तिगुना हो गया। सातवां वेतन लगने वाला है। लेकिन 25 साल के बाद भी नर्सिंग विद्यार्थियों को दिया जाने वाला वजीफे में केवल 250 रुपए बढ़ाए गए हैं। अब 750 रुपये मिल रहे हैं, जबकि 1998 में 500 रुपए दिया जाता था। मतलब यह है कि हर साल केवल ढाई रुपये बढ़ाए गए हैं। प्रदेश के सिरसा, भिवानी, अंबाला, रोहतक, नारनौल, फरीदाबाद, मेवात और गुड़गांव के सरकारी अस्पतालों में एएनएम स्कूल हैं, जबकि हिसार, करनाल और भिवानी में जीएनएम स्कूल। इनमें करीब साढ़े पांच सौ विद्यार्थी रात दिन मरीजों की देखरेख कर रहे हैं। लेकिन सरकार की तरफ से इन छात्रों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नर्सिंग विद्यार्थियों का कहना है कि पढ़ने के लिए किताबों के साथ अन्य चीजों की जरूरत होती है। ऐसे में वजीफा रािश काफी कम है।

सरकार को चाहिए की नर्सिंग विद्यार्थियोंं को कम से कम करीब साढ़े तीन हजार रुपये वजीफा दे। किताबों अन्य खर्च के लिए रुपयों की जरूरत पड़ती है।\\\'\\\' जसबीरकौर, राज्यअध्यक्ष नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन।