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मय्यड़ में किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी

7 वर्ष पहले
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विशेष गिरदावरी मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान।

भास्कर न्यूज | हिसार

भारतीयकिसान संघर्ष समिति के बैनर तले गांव मय्यड़ में अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने के दूसरे दिन किसानों के आंदोलन को जहां जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने अपना समर्थन दिया, वहीं बरवाला विधानसभा से इनेलो प्रत्याशी वेद नारंग ने किसानों की मांग को जायज ठहराया।

धरने की अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के जिला प्रधान जोगेंद्र मय्यड़ ने की। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। किसानों को उनकी उपज का पूरा भाव नहीं मिल रहा है। कभी सूखा तो कभी सफेद मक्खी और कभी पाला तो कभी ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसल तबाह हो जाती है। इसके बाद भी किसानों को सड़कों पर आकर सरकार प्रशासन से अपना हक मांगना पड़ रहा है। धरनास्थल पर सुरेश कौथ ने कहा कि हाल ही में हिसार जिला भयंकर सूखे की चपेट में है और किसानों की फसल बर्बाद हो गई, लेकिन प्रशासन फसलों में खराबे का प्रतिशत कम दिखाकर किसानों को गुमराह कर रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक प्रशासन सरकार खराब हुई फसल को प्राकृतिक आपदा मानते हुए मुआवजा घोषित नहीं करेगी, किसान धरने पर डटे रहेंगे। किसानों ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा राशि देने की घोषणा करनी चाहिए। किसान मंच के प्रदेश महासचिव रमेश बैनीवाल ने कहा कि लगातार तीन फसलें प्राकृतिक आपदा के कारण खराब होती जा रही है। किसान संकट में है। बरसात के कारण जिले भर में कपास की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। उन्होंने मांग की कि मुआवजा राशि 35 हजार रुपए दी जाए।