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कृष्ण-सुदामा की मित्रता एक मिसाल : रोहित

7 वर्ष पहले
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बैंककॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन शनिवार को मेहंदीपुर बालाजी से पधारे आचार्य रोहित कृष्ण महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से 16,108 विवाह किए थे। इनमें से आठ पटरानियां थी और सोलह हजार कन्याओं को उन्होंने जेल से मुक्त कराया था। उन्हीं कन्याओं के कहने पर भगवान श्रीकृष्ण ने उन सभी से विवाह किया था। कथा के दौरान आचार्य ने जरासंध वध की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि पौण्ड्रक अपने आपको विष्णु मानता था इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने उसका वध किया।

कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया, जिसमें बताया कि सुदामा एक गरीब ब्राह्मण थे। सुदामा और कृष्ण बचपन के मित्र थे। अपनी गरीबी से परेशान सुदामा को उनकी प|ी सुशीला ने भगवान श्रीकृष्ण के पास भेजा। जब सुदामा अपने बचपन के मित्र भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वारिका पहुंच गए। इस बात की जानकारी जब भगवान श्रीकृष्ण को मिली तो वे नंगे पांव ही दौड़कर अपने महल से बाहर गए और सुदामा को गले लगा लिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता एक मिसाल है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की झांकी भी दिखाई गई।

आचार्य रोहित कृष्ण शास्त्री।

बैंक कॉलोनी में आयोजित भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।