रेलवे की सुरक्षा दो कंधों पर
रेलवेस्टेशन की सुरक्षा केवल दो जवानों के कंधों पर है। स्टेशन पर दिनभर में 50 ट्रेनें अाती और आती हैं। माडल स्टेशनों में शुमार हिसार रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के इंतजाम फिसड्डी साबित हो रहे हैं। आए दिन कम सुरक्षा की वजह से पर्स छीनने अन्य कीमती सामान चोरी होने की घटनाएं हो रही हैं। बता दें कि जब भी कोई ट्रेन पलेट फार्म पर पहुंचती है या फिर किसी प्लेटफार्म से चलती है तो जीआरपी आरपीएफ के जवान संयुक्त रूप से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं।
यह जवान यात्रियों के साथ होने वाली अप्रिय घटना पर अंकुश लगाने का प्रयास करते हैं। आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे पुलिस कर्मचारी सादी वर्दी में भी तैनात रहते हैं। यह जवान रेलवे स्टेशन ट्रेन में होने वाली मारपीट, छीना झपटी, स्नेचिंग, चोरी इत्यादि जैसी आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए गश्त करते हैं।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों काे ट्रेन में आराम से चढ़ने का इशारा करते जीआरपी के कर्मचारी।
हिसार स्टेशन से रोजाना 50 ट्रेनें आवागमन करती हैं। इसमें 14 एक्सप्रेस शामिल हैं। हिसार स्टेशन के छह प्लेटफार्मों से ट्रेनें आती जाती हैं। ट्रेनों की संख्या अवागमन अधिक होने के कारण यहां पर सुरक्षाकर्मी कम से कम सात होनी चाहिए। विडंबना तो देखिए इन 50 ट्रेनों की सुरक्षा का जिम्मा केवल एक महिला और एक पुरुष जवान के कंधों पर है। यह भी दोनों जवान जीआरपी के हैं। इन दो जवानों को कभी प्लेट फार्म नंबर 2 तो कभी 4 पर दौड़ना पड़ता है। ऐसे में अच्छी तरह निरीक्षण होने की संभावना बनी रहती है इसका फायदा उठा कर चोरी हो जाती है।
बदमाश उठा लेते हैं फायदा
50 ट्रेनेंदिन भर में रेलवे स्टेशन से आती और जाती हैं