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सीसीई अंक 30 तक बोर्ड को नहीं भेजे तो जुर्माना
10वींऔर 12वीं के छात्रों के सीसीई अंक स्कूलाें को 30 सितंबर तक भेजने होंगे। तय तिथि के बाद अंक भेजने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी ने 10वीं 12वीं की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में जुड़ने वाले सीसीई (सतत एवं व्यापक मूल्यांकन) अंक ऑनलाइन जमा करने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं।
विद्यार्थियों के समग्र मूल्यांकन के लिए बोर्ड ने सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू की। इसमें छात्र-छात्राओं को टॉपर बनने के लिए पाठ्यक्रम में आधारित सवालों के जवाब देने के साथ ही आंतरिक मूल्यांकन में भी खुद को बेस्ट साबित करना होता है। सीबीएसई की तर्ज पर राजकीय स्कूलों में सीसीई शुरू करने के बाद अब बोर्ड ने स्कूलों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है।
शिक्षा बोर्ड की ओर से सभी राजकीय, अराजकीय स्कूलों को कड़ी हिदायत दी गई है कि वे विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन की रिपोर्ट 30 सितंबर तक बोर्ड में ऑनलाइन जमा करवाएं। इसके लिए स्कूलों को पासवर्ड भेजे जा चुके हैं। बोर्ड ने कहा है कि अगर इस अवधि तक स्कूलों ने यह अंक बोर्ड के पास नहीं भेजे तो इसके बाद पांच हजार रुपये लेट फीस के साथ इन अंकों को भेजना होगा। इसकी जिम्मेदारी सभी स्कूल संचालकों की होगी।
साथ ही भेजे जाने वाले इन अंकों में यदि कोई खामी हुई तो किसी भी प्रकार का संशोधन बोर्ड स्वीकार नहीं करेगा। इसीलिए इन अंकों को ध्यानपूर्वक भेजा जाए।
यह है सीसीई अंक
दरअसल,बोर्ड 80 नंबर की परीक्षा हर विषय की लेता है। शेष 20 प्रतिशत अंक बच्चे के व्यवहार, उसके ड्रेसअप, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागेदारी, उसके अनुशासन, स्कूल हाजिरी इत्यादि के आधार पर दिए जाते हैं। इन अंकों तय करना देना सीधे तौर पर क्लास इंचार्ज की जिम्मेदारी होती है। इन्हीं अंकों को सीसीई के अंक कहा जाता है। सीधे तौर पर कहा जाए तो इन अंकों को इंटरनल एसेसमेंट कहा जा सकता है।
बोर्ड की वेबसाइट पर रिपोर्ट ऑनलाइन जारी होने के बाद कोई भी व्यक्ति किसी भी स्कूल की गतिविधियों के बारे में जानकारी ले सकेगा। स्कूलों में होने वाली वार्षिक परीक्षा की रिपोर्ट भी केवल स्कूल प्रबंधन के पास होती है। प्रवेश के समय अभिभावकों को भी यह जानना मुश्किल हो जाता है कि दसवीं बारहवीं के अलावा दूसरी कक्षाओं में स्कूल के बच्चों का प्रदर्शन कैसा रहता है। वहीं दूसरी