हिसार. अब विधानसभा चुनाव में भी नोटा (नन ऑफ दी अबव) का इस्तेमाल होगा। लोकसभा चुनाव के बाद विस चुनाव में यह पहला अवसर होगा जब मतदाताओं को नोटा के रूप में भी प्रत्याशियों को नकारने का अधिकार होगा। लेकिन लोस चुनाव की तुलना में नोटा का जिक्र कम हो रहा है, जबकि वोटिंग के लिए केवल 15 दिन शेष बचे है।
पिछले चुनाव में भी 11 लाख मतदाताओं में से केवल 1403 ने नोटा का बटन दबाया था। हिसार जिले की बात करें तो कुल मतदाताओं की तुलना में केवल 0.1 प्रतिशत लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया था।
अर्बन स्टेट निवासी कृष्ण कहते है कि लोग नोटा के बारे में जानते ही नहीं है। अपने जिले में केवल तीन हजार वोटर्स सर्विस मतदाता है। कुछ ही लोगों को नोटा के बारे में जानकारी है। दूसरी और परिवार के सदस्य एक साथ वोटिंग करने जाते है लेकिन वे पहले ही किसी व्यक्ति विशेष को वोट देने का मन बना चुके है। लोगों को नोटा के बारे में और जानकारी देने की आवश्यकता है। तभी नोटा का इस्तेमाल अधिक हो सकता है।
नोटा की जानकारी देने में सबसे ज्यादा सक्रिय भूमिका में रही आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक विजय गुप्ता कहते हंै कि नोटा का प्रयोग और कम हो सकता है। लोकसभा चुनाव में मतदाता कांग्रेस को हटाना चाहते थे। उन्हें केवल बीजेपी में मोदी का नाम दिखाई दिया, इसलिए लोगों ने नोटा का कम इस्तेमाल किया। दूसरी हरियाणा की राजनीति जाति के ऊपर आधारित है।