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किसान बोले- आंदोलन के जरिये आवाज पहुंचाना है मकसद

7 वर्ष पहले
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बुड़ाकक्षेत्र के किसान पानी की समस्या को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में गए हैं। बुधवार से शुरू हुआ क्रमिक अनशन गुरुवार को भी चला, जबकि किसानों के आंदोलन को पूरे 40 दिन हो गए। दर्जनों गांवों से आए किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि हमारा एक ही मकसद है कि शासन तक हमारी आवाज पहुंचे।

साझा जल संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। क्रमिक अनशन के दूसरे दिन जयलाल पूनिया, बलबीर पूनिया बुड़ाक, रामस्वरूप फगडिय़ा, निहाल सिंह और भादर सिंह बांडाहेड़ी अनशन पर रहे। इस दौरान सरकार और प्रशासन की नीतियों पर किसानों ने रोष जताया। साथ ही 18 नवंबर को लघु सचिवालय पर होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों पर भी चर्चा की।

नहींहटेंगे पीछे

किसानोंने कहा कि अगर प्रशासन या सरकार 17 नवंबर तक किसानों की समस्याओं का स्थाई समाधान या लिखित आश्वासन नहीं देती है तो करो या मरो की नीति के तहत जोरदार प्रदर्शन करेंगे। किसान किसी भी सूरत में अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर कमेटी प्रधान वीरेंद्र, सचिव विक्रम श्योराण बुड़ाक, प्रेस प्रवक्ता सतबीर बांडाहेड़ी, नेकी सहारण, उमेद, मागेराम, जंगीर, दीपचंद, रामकुमार सरसाना, बलराज बिजला, रामकुमार कामरेड, रणसिंह, मेवा सिंह, सरजीत, कैलाश आदि किसान मौजूद रहे।

बुधवार को ये लोग बैठे थे अनशन पर

पानी की मांग को लेकर बुधवार से किसानों का बुड़ाक स्थित धरना स्थल पर किसानों ने क्रमिक अनशन शुरू किया। इस दौरान पांच बुजुर्ग दीपचंद शर्मा, जुगलाल शर्मा, मांगेराम पूनिया, ईशर वर्मा अौर दानाराम पूनिया अनशन पर रहे थे।