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वाहनों की बढ़ती संख्या से बढ़ रहा वायु प्रदूषण

7 वर्ष पहले
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शहरमें हर साल करीब ढ़ाई हजार नए वाहन सड़कों पर जाते हैं। ऐसे में प्रदूषण भी लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते साल के मुकाबले इस साल प्रदूषण में काफी वृद्धि हुई है। प्रदूषण वृद्धि का आंकलन करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर में कई जगह सैंपल लिए हैं। हाई वॉल्यूम सैंपलर मशीन में प्रदूषण जांच के लिए हवा के सैंपल तीन अलग-अलग चरणों में लिए गए हैं। प्रदूषण जांचने की इस प्रक्रिया को एंबीएंट एयर क्वालिटी मानिटरिंग कहते हैं। अगले सप्ताह तक इसके परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

विभाग ने जो हवा के सैंपल लिए हैं उससे प्रदूषण का लेवल कितना बढ़ा है, इस बात का पता लगेगा। अगर प्रदूषण का लेवल बढ़ा है तो वह किस कारण से और कितना, इन पहलुओं पर भी विभाग ध्यान करेगा। अक्टूबर में शहर के प्रदूषण को जांचा गया था, तब प्रदूषण की मात्रा 75 आरएसपीएम ( रीस्पाइरेबल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर) आंकी गई थी। जांच के लिए गए सैंपल का लेबोरेट्री में टेस्ट किया जा रहा है और जांच रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आएगी।

वायु प्रदूषण के प्रभाव

वायु प्रदूषण के कारण

कब-कब लिए सैंपल

प्रदूषणनियंत्रक बोर्ड की टीम ने शहर में 10 दिन पहले आठ -आठ घंटे के अंतराल पर तीन बार हवा के सैंपल लिए। पहला सैंपल सुबह 8 बजे से शाम चार बजे तक, दूसरा सैंपल शाम चार बजे से रात 12 बजे तक तीसरा सैंपल रात 12 से सुबह आठ बजे तक लिया गया।

> दूषित वायु में सांस लेने से सांस, दमा, खांसी त्वचा के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।

> दूषित वायु में सांस लेने से आंखों के रोग फैलने लगते हैं।

जांच हो रही है

हमनेकरीब दस दिन पहले हवा के सैंपल लिए हैं, जिनकी लेबोरेट्री में जांच चल रही है। अगले सप्ताह तक रिपोर्ट आने की संभावना है। वैसे 100 आरएसपीएम से ज्यादा प्रदूषण खतरनाक है।

सुमितसरोही,प्रदूषण नियंत्रकबोर्ड अधिकारी।

> वाहनों से निकलने वाला धुंआ।

> फैक्ट्रियों की चिमनी से निकलने वाला धुंआ।

> मिट्टी धूल कण के कारण।

> हरे पेड़ों की कटाई होने के कारण।

ये है वायु प्रदूषण जांचने की प्रक्रिया

वायुमें कितना प्रदूषण है इस बात की जांच हाई वॉल्यूम सैंपलर मशीन के जरिए की जाती है। इस दाैरान हवा के सैंपल लिए जाते हैं और उससे मिले कीट अन्य हानिकारक तत्वों को फिल्टर पेपर पर रखा जाता है और इसके नीचे दो कैमिकल सोल्यूशन रखे जाते हैं। इस प्