11 माह बाद होगा बीपीएल सर्वे
शहरीक्षेत्र में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों की संख्या पता लगाने के लिए नगर निगम ने सर्वे कराने का फैसला लिया है। पार्षदों की शिकायत के बाद निगम ने सर्वे कराने के लिए 15 टीमों का गठन किया है। इन टीमों को फरवरी में सर्वे पूरा करना है। निगम ने सर्वे कराने के लिए बीते साल मार्च में तैयारी की थी। सर्वे के लिए फॉर्म छपवाने से लेकर अन्य तैयारी पूरी हो चुकी हैं। इसी बीच लोकसभा चुनाव गए, जिससे काम मई तक ठप रहा। जून से अगस्त तक निगम के पास सर्वे कराने का मौका था, हालांकि इस दौरान भी काम नहीं हुआ। इसके बाद विधानसभा चुनाव गए। निगम प्रशासन को एक बार फिर सर्वे कराने का बहाना मिल गया। अक्टूबर में आचार संहिता खत्म हुई। हाल ही में हुई हाउस की मीटिंग के दौरान पार्षद नरेंद्र शर्मा, शालू दीवान के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर डीएन सैनी डिप्टी मेयर भीम महाजन ने उपायुक्त डाॅ. चंद्रशेखर खरे से पूरे प्रकरण में कार्रवाई कराने की मांग की थी। सूत्र बताते हैं कि नगर परिषद के हिसाब से टीम के एक सदस्य को दो वार्डों में सर्वे कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जानकार तो यह भी बताते हैं कि सर्वे के लिए हुडा के सेक्टरों से आवेदन ही के बराबर आए हैं, इसलिए सेक्टरों में सर्वे नहीं होगा।
सर्वेसमय पर पूरा हुआ तो मार्च में वेरीफिकेशन होगा
यदिइस महीने में सर्वे पूरा हो जाता है तो अगले महीने से अगली कार्रवाई शुरू होगी। निगम सूत्रों का कहना है कि यदि सर्वे निर्धारित समय में पूरा हो जाता है तो सर्वे के दौरान पाए गए बीपीएल परिवारों का वेरीफिकेशन शुरू कर दिया जाएगा। वेरीफिकेशन के बाद फाइनल सूची तैयार की जाएगी।
प्रत्येकबिंदु पर जीरो से 180 तक अंक
स्वर्णजयंती शहरी रोजगार योजना के परिवारों की बीपीएल सूची में पात्रता के लिए जो सर्वे किया जाना है, उसमें से तक बिंदु दिए गए हैं। सर्वे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि छत, फर्श, जलापूर्ति, मल विसर्जन, शिक्षा स्तर, रोजगार श्रेणी और घर में बच्चों की स्थिति के लिए अंक निर्धारित हैं।
23 बिंदुओं की सूचनाएं करानी होंगी मुहैया
शहरीक्षेत्र में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले गरीबों को सर्वे के दौरान 23 बिंदुओं पर सूचना मुहैया करानी होगी। इसमें व्यक्ति और परिवार की विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। इसमें आर्थिक स्थिति, शिक्षा, जाति और व्यवसाय तक का ब्योरा सर्वे की टीम को देना होगा।