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कजहिल से होगा धारा 370 की समस्या का समाधान

6 वर्ष पहले
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कश्मीर, जम्मू, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख (कजहिल) चार अलग प्रांत नहीं बल्कि एक सामाजिक आर्थिक क्षेत्र है। यदि इनको एक कर दिया जाए तो कश्मीर की धारा 370 की समस्या समाप्त हो जाएगी। क्योंकि इसमें हिंदू मुख्यमंत्री बनेगा और फिर जनमत से यह संभव हो पाएगा। यह बात आनंद मार्ग के वंदनानंद अवधूत ने शनिवार को स्वामी सहजानंद के आवास पर प्राउत (प्रगतिशील उपयोगी तत्व) को जाने विषय पर संगोष्ठी में प्राउत के सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि प्राउत सामाजिक अर्थनैतिक और अध्यात्मिकता पर आधारित दर्शन है और आज की सभी समस्याओं का समाधान है। इसके कुल 16 सिद्धांत है जिनमें से एक सामाजिक, तीन आर्थिक बाकी अन्य विषयों से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि प्राउत के सिद्धांतों के अनुसार पूरा विश्व 243 सामाजिक आर्थिक क्षेत्रों में बंटा है और हर क्षेत्र का अपना महत्व है।

कजहिल भी इन्हीं 243 क्षेत्रों में से एक है। इसी सिद्धांत को मानें तो दिल्ली और हरित उत्तर प्रदेश भी हरियाणा का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्राउत के सिद्धांतों के अनुसार पंजाब और हरियाणा सबसे गरीब है और बिहार, झारखंड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ सबसे अमीर है। लेकिन राजनीतिक बंटवारे के कारण इन प्रदेशों का हाल खराब है। यदि पूरे विश्व को सामाजिक आर्थिक आधार पर बांटा जाए तो हर समस्या का समाधान हो जाए। क्योंकि हम सामाजिक आघ्यात्मिक मनुष्य हैं कि राजनीतिक। उन्होंने प्राउत को प्रजातंत्र से भी बेहतर बताया।

प्राउत को जाने संगोष्ठी को संबोधित करते वंनदानंद अवधूत।