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संत के आश्रय में रहकर भजन करना चाहिए : श्रीहित अम्बरीष

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | हिसार

नागोरीगेट स्थित श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र सनातन धर्म हनुमान मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा के चौथे दिन शनिवार को प्रवचन देते हुए श्रीहित अम्बरीष ने कहा कि तीर्थ भ्रमण साधन समय पाकर फलीभूत होते हैं। भक्त के एक क्षण का संग ऐसा भगवत प्रसाद है जो तत्काल फलीभूत होता है। मनुष्य का मन निर्मल हो जाता है। श्रद्धा, आदर, सम्मान सरस अभिव्यक्तियां संसार में होनी चाहिए। इसका मूलसूत्र इसका मूल प्रेम केवल भगवान उनके भक्तों से हो सकता है। संत की कृपा के बिना भजन साधन के कर्त्तापन का भाव, अहं भाव मन में रहता है। इसलिए भजन संत के आश्रय में रहकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में तन धन की हानि हो तो कोई क्षति नहीं परन्तु श्रद्धा विश्वास की क्षतिपूर्ति होना कठिन है।

सनातन धर्म हनुमान मंदिर में भक्तमाल कथा सुनते श्रद्धालु।