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पेयजल, सीवर लाइन लीकेज की शिकायत की तो अफसरों ने कनेक्शन बता दिए अवैध

6 वर्ष पहले
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जनस्वास्थ्यविभाग शहर में अवैध कनेेक्शन के नाम पर प्रशासन, शासन अौर जनता को गुमराह करने में जुटा है। जब जनता काम कराने के लिए गुहार लगाती है तो अफसर पल्ला झाड़ लेते हैं। ताजा मामला भगत सिंह चौक स्थित बाबू पतंग वाले गोदाम वाली गली का है। पिछले छह माह से सीवर और पेयजल आपूर्ति की लाइन लीक हो रही है। घरों में दरारें चुकी हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अफसर हैं कि कोई पेयजल आपूर्ति डिवीजन तो कोई सीवर वाले अफसरों का काम बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। काम नहीं हुआ तो अफसरों के पास गुहार लेकर पहुंचे तो उन्होंने सुनवाई करने के बजाय अवैध कनेक्शन ही बता दिए। जबकि इनका पेयजल आपूर्ति का बिल रहा है।

बाजार गोविंदगढ़ के पीछे करीब एक दर्जन से अधिक घर हैं। इस कॉलोनी में पेयजल और सीवर लाइन बिछी हुई है। पिछले छह माह से इन लाइनों से रिसाव हो रहा है, शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। घरों में दरारें आने के अलावा जलभराव होने से घरों में सीलिंग की समस्या गई है। विभागीय अफसरों के पास तमाम लोगों ने चक्कर काटे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो स्थानीय लोगों ने करीब 2000 रुपये का चंदा करके पानी और सीवर की लाइन को मजदूरों से खुदवा दिया। विभागीय मदद के बिना मजदूरों की पकड़ में लीकेज नहीं आई। इसलिए गड्ढा खुदा पड़ा है। जबकि घरों की नींव के अंदर पानी लगातार रिस रहा है। इससे चिंतित स्थानीय लोगों ने एक बार फिर अफसरों से गुहार लगाई, इस बार तो अफसरों का जवाब सुनकर लोगों के होश उड़ गए। क्योंकि सीवर के कनेक्शन ही अवैध बता दिए। स्थानीय निवासी चंद्रा भाई, फकीरालाल हलवाई का कहना है कि यदि अवैध कनेक्शन हैं तो हम कनेक्शन लेने तैयार हैं, लेकिन हमारी समस्या का तो निस्तारण होना चाहिए। विभागीय रवैये से आहत बाबू भाई पतंग वाले, संतोष आदि ने तत्काल काम कराने की मांग की है। वहीं, विभागीय अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका।

पेयजल आपूर्ति के लिए अफसरों के काटे चक्कर

वहीं,सीवरेज विंग के अफसरों के पास यह लाेग शिकायत लेकर पहुंचे तो उन्होंने पेयजल आपूर्ति वाली डिवीजन का मामला बता दिया। वहां पहुंचे तो सीवरेज वालों का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया। विभाग ने सुनवाई के बजाय रसीद ही मांग ली। स्थानीय लोग इस बात से परेशान हैं कि इनका कहना है कि 15-20 वर्षों से यहां रह रहे हैं, अब रसीद कहां से लाएं।

पानी का बिल भी रहा कई गुना अधिक

विभागअवैध कनेक्शन बताकर स्थानीय लोगों पर प्रेशर बना रहा है। जबकि इस कॉलोनी के घरों में पिछले कई बार से पेयजल आपूर्ति का बिल कई गुना अधिक रहा है। विभागीय अफसरों से शिकायत जनता ने की थी तो अफसरों से ऑफिस में दिखवा लेने की बात कही। ऑफिस में कई चक्कर काटे, इसके बाद भी बिल सही नहीं हो सके। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।

नाॅलेज : पानी का 25 फीसदी चार्ज लेता है विभाग

जनस्वास्थ्यविभाग पेयजल आपूर्ति के एवज में बिल का 25 फीसदी चार्ज वेस्ट वाटर चार्ज लेता है। विभाग का कहना है कि घरों, दुकानों या फिर इंडस्ट्री आदि में उपयोग में लाए लाने वाले पानी की खपत 20 फीसदी ही होती है। जबकि 80 फीसदी यह पानी यूरिन से लेकर मल आदि के रूप में सीवर लाइन में जाता है। बाबू पतंग वाले के पास रहने वाले लोगों के पास तो पेयजल अापूर्ति का बिल रहा है तो कनेक्शन अवैध कैसे हुए यह सवाल उठ रहा है।

पानी की लीकेज के कारण घरों की नींव के अंदर पानी जा रहा है। स्थानीय महिलाएं समस्या को बताती हुईं।