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मोबाइल पर लक्की विजेता बनाने की कॉल्स से ठगी

6 वर्ष पहले
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प्रदेशमें लॉटरी, बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन और ऑनलाइन बैंकिंग के नाम पर ठगी के शिकार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। पुलिस थानों में लगातार साइबर क्राइम के केस दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी मामला सॉल्व नहीं हुआ। साइबर क्राइम गिरोह कभी लोगों के मोबाइल नंबरों पर कॉल करके या एसएमएस के जरिए लक्की विजेता बनाकर ठगी कर रहे हैं। इसके लिए वे लोगों से अपने खातों में भारी रकम डलवाकर करोड़ों के नकद इनाम या कार जीतने की बात कहते हैं। इस पर आमजन उनकी चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर रकम खातों में डलवा देते हैं। इसके बाद जिन नंबरों से फोन कॉल्स आती हैं वे नंबर स्विच ऑफ आने लगते हैं।

ऐसे कॉलर के झांसे में आएं : एसएचओ

सदरथाना प्रभारी राहुल हुड्डा का कहना है कि पुलिस के पास इस तरह के कई केस आते हैं। उन्होंने कहा कि ये ठग दूर के राज्यों के लोगों को ज्यादा गुमराह करते हैं और अपना पता भी दूरदराज के शहर का बताते हैं। फिर भी पीडि़तों के शिकायत पर पुलिस उनके बताए हुए ठिकानों पर छापेमारी करती है, मगर ये ठग अपना गिरोह फेक आईडी के सिम कार्डों से चलाते हैं, जिससे वे पुलिस पकड़ में नहीं पाते। उन्होंने कहा कि लोग ऐसी कॉल्स पर ध्यान देकर झांसे में आने से बचें।

सजा का है प्रावधान

भारतमें 17 अक्टूबर 2000 को सूचना अधिनियम लागू किया गया। कंप्यूटर के स्त्रोत से छेड़छाड़ करने या मोबाइल से जालसाजी करने पर सात साल की सजा तक के जुर्माने का प्रावधान है। -एडवोकेटबंसी लाल, हिसार।

केस 2

सरसाना गांव के देवेंद्र ने बताया कि उसके पास करीब दो महीने पहले एक फोन आया और उसे कार विजेता होने की बात कही। उक्त युवक ने अपना नाम अमीत पता जमशेदपुर का बताया। उक्त युवक ने भी खुद को एक नामी कंपनी का नुमाइंदा होने की बात कहते हुए इनाम के लिए एडवांस में उसके खाते में 20 हजार रुपये जमा करवाने की बात कही। रुपये जमा करवाने के बाद उन्होंने नंबर बंद कर लिया।

केस 1

सीसवाला गांव के रमेश के मोबाइल पर करीब एक महीने पहले फोन आया कि वे एक नामी कंपनी के लक्की विजेता बन गए हैं। फोन करने वाले ने रमेश को बताया कि कंपनी की ओर से उन्हें सफारी गाड़ी दी जाएगी, लेकिन गाड़ी की डिलीवरी के लिए उसे उनके खाते में 20 हजार रुपये की राशि डलवानी होगी। उक्त युवक ने रमेश को जमशेदपुर के एक बैंक का खाता नंबर दे दिया। रमेश ने क्त खाता नंबर पर राशि जमा करवा दी। जब उसने गाड़ी डिलीवरी के लिए फोन किया तो उन्होंने उस से 25 हजार रुपये की राशि और डलवाने डलवा ली। दोबारा से उस नंबर पर फोन किया तो उक्त युवक ने गालियां देनी शुरू कर दी।