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डायरेक्ट पोस्ट पड़ीं खाली, पर्सनल प्रमोशन की भरमार

7 वर्ष पहले
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हिसार। प्रदेश के एकमात्र हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में सुविधाओं को लेकर यूं तो लंबे-चौड़े दावे किए जाते हैं। ट्रेनिंग के नाम पर भी हर वर्ष मोटा बजट खर्च हो रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय की अंदरूनी हालत पर नजर डालें तो यहां के विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। विश्वविद्यालय में लगभग 50 फीसदी पोस्ट खाली पड़ी है।

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में फिलहाल यूजी और पीजी प्रोग्राम में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब 2172 है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में हर समय कोई न कोई ट्रेनिंग विश्वविद्यालय में चलती रही है, जिसमें भी स्टाफ की जरूरत पड़ती है, लेकिन विश्वविद्यालय से आरटीआई एक्ट के तहत मांगी गई जानकारी में सेंशन स्टाफ और वर्तमान स्टाफ की संख्या का जो रिकार्ड सामने आया वह संतोषजनक नहीं है। विश्वविद्यालय प्रोफेसर, डीन-डायरेक्टर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों के कुल 1038 पद स्वीकृत है, लेकिन फिलहाल के हालात देखें तो मात्र 553 ही पोस्ट भरी हुई है, जबकि बाकी खाली पड़ी है। इससे बदतर स्थिति क्या होगी कि पर्सनल प्रमोशन कर विश्वविद्यालय ने सेंशन पद के सापेक्ष कई गुना अधिक स्टाफ बढ़ा दिया तो कहीं सेंशन पोस्ट भी पूरी नहीं हो रही। इतना कम स्टाफ होने के कारण विश्वविद्यालय में किस स्तर की पढ़ाई होती होगी और रिसर्च पर कितना ध्यान जाता होगा वह तो प्रबंधन ही जान सकता है।
नई सरकार के कारण रुकी हुई है नियुक्ति
सूत्रों की मानें तो चुनाव से पूर्व विश्वविद्यालय ने कई पद भरे थे, लेकिन चुनाव की घोषणा होते ही टीचिंग और नॉन टीचिंग नियुक्तियों पर राेक लग गई थी। तभी से एक भी नई नियुक्ति नहीं हुई।
'विश्वविद्यालय में काफी पद खाली है। आदेश जारी होते ही नई नियुक्ति कर दी जाएगी। स्टाफ कम होने पर भी विद्यार्थियों की पढ़ाई और रिसर्च को लेकर विश्वविद्यालय गंभीर है।' डॉ. एमएस दहिया, रजिस्ट्रार एचएयू