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मुक्ति का एक मात्र साधन भक्ति : शास्त्री
हिसार | डिफेंसकॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार को मेहंदीपुर बालाजी से पधारे आचार्य रोहित कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी अलावा 16 हजार 108 विवाह किए। इसके बाद द्वारकाधीश ने सभी गोपियों का उद्धार किया। उन्होंने कथा के दौरान कहा कि भगवान से मिलने का एक मात्र साधन भक्ति है। इसके बाद आचार्य ने बताया की जब सुदामा भगवान कृष्ण से मिलने जाते है तो महल के द्वार पर पहुंचते ही द्वारपाल उन्हें रोक लेता है और उनसे पूछता है। किस से मिलने आए हो इस पर सुदामा कहते है की वह कृष्ण से मिलने आए है जो इनके बचपन के मित्र है यह बात जब भगवान को पता चलता है तो वह नंगे पांव पाव बाहर आते है। उसके बाद सुदामा को गले लगाते हैं और अपने साथ महल में ले जाते है। उसके बाद उनके पांव धोते है और बिना कुछ मांगे ही उन्हें सब कुछ दे देते है।