रामजीलाल ने कमेटी पर छोड़ा अपना फैसला
बोले-पांच साल किराए के मकान में रहो तो उसे छोड़ने में भी दुख होता है
भास्करन्यूज | हिसार
हजकांके वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद रामजीलाल रविवार को अग्रसेन भवन में काफी व्यथित नजर आए। 82 वर्षीय नेता को दर्द केवल टिकट कटने का नहीं है बल्कि चौधरी भजनलाल परिवार के साथ पांच दशक पुराने रिश्तों में आई दरार का ज्यादा है। यह दर्द उनके शब्दों से भी बयां हुआ। वह बोले, इंसान जब पांच साल तक किसी किराये के मकान में भी रहता है तो उसे छोड़ते हुए भारी दुख होता है।
फिर चौधरी साहब के परिवार से मेरा रिश्ता तो 54 साल पुराना है। यही वजह है कि पूरे प्रदेश से अपने समर्थकों को बुलाने के बावजूद कोई फैसला नहीं ले पाए और हजकां छोड़ने की बात भी नहीं की। टिकट काटने पर कुलदीप बिश्नोई के प्रति अपनी नाराजगी सामान्य लहजे में प्रकट की। बोले, कुलदीप कहता था कि उनके अंदर उसे पिता भजनलाल नजर आते हैं। फिर ये सब कुछ क्यों हो गया। उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है। ये समझ में नहीं रहा, षड्यंत्र किसने रचा। वे 15 दिन पहले से कह रहे थे कि सभी वोट मांग रहे हैं।
यदि चुनाव लड़ाना है तो विधानसभा क्षेत्र तो निश्चित करो। कुलदीप कभी बरवाला तो कभी नलवा से उन्हें चुनाव लड़ाने की बात कहते रहे। पंडित रामजीलाल ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए अपने मित्रों और समर्थकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि विधायक, सांसद और मंत्री तो कोई भी बन सकता है लेकिन नेता बनना बहुत मुश्किल है। मेरे समर्थन में आए लोगों ने आज मुझे नेता बना दिया।
ज्ञान तायल ने दिए सुझाव
पंडित रामजीलाल को अब क्या करना चाहिए, इसे लेकर कई वक्ताओं ने अपने सुझाव दिए। उनके परम मित्र एवं समाजसेवी ज्ञानदेव तायल समेत कई लोगों ने सुझाव दिया कि एक कमेटी का गठन होना चाहिए, जो आगामी फैसला तय करें। रिटायर्ड जज जयसिंह ने कहा कि कुलदीप ने उनके साथ दगा किया है। पार्टी में वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं किया गया। रिटायर्ड कर्नल ओमप्रकाश ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी हो, इसके लिए सबक सिखाना चाहिए। अंत में 11 सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया गया। इसमें फिलहाल पीएल शास्त्री, रिटायर्ड जज जयसिंह जांगड़ा, ज्ञान तायल, अजय जांगड़ा, विद्यासागर, सूबेसिंह आर्य, शशि परमार को शामिल किया गया है।
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