पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • हम हवाओं से जिनको बचाते रहे...

हम हवाओं से जिनको बचाते रहे...

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हिसार | दुर्जनपुरगांव के पुस्तकालय में सोमवार को उड़ान कला मंच की तरफ से कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें कवियों ने अपनी-अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी। गोष्ठी की शुभारंभ कवि लेखक रमेश दूहन की रचना भारत माता कहण लगी मन्नै सपने के म्हा आके, चिड़िया चुगी खेत तेरा तूं भाज गोफिया ठा कैं... से हुआ। गीतकार गजकार ओमप्रकाश ‘दिलबर‘ ने हम हवाओं से जिनको बचाते रहे, उन चिरागों से तुम घर जलाते रहे... गजल सुनाकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। मुनीश भाटिया ने ‘घायल‘ नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन पर नेता का हाथ रहा, और गुन्डों का भी साथ रहा... ‘घायल‘ ही यहां अनाथ रहा, जनता भी तो भोली-भाली थी...। इस अवसर पर मुकेश कुमार, मनीष, कृष्ण जांगड़ा शीला शीतल आदि उपस्थित रहे।