गजुटा 18 फरवरी को धरने पर बैठेगी
गजुटाअपनी मांगों को लेकर फिर से धरना देने की तैयारी कर रहा है। मंगलवार को गजुटा कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें कुलपति के ढुलमुल रवैये शिक्षकों की समस्या को लेकर की गई वादाखिलाफी की कड़ी निंदा की गई। इसके लिए गजुटा 18 फरवरी को धरना पर बैठेगी।
एमटीएच के मकान शिक्षकों शोध विद्यार्थियों के लिए बनाए गए थे और हाउस अलॉटमेंट कमेटी ने निर्णय लिया था कि ये मकान सिर्फ शिक्षक या रिसर्च स्कॉलर को ही दिए जाएंगे। विशेष तौर पर शिक्षकों शोधकर्ताओं के लिए बनाए गए इन मकानों को सारे कानूनों को दरकिनार कर कार्यवाहक कुलपति ने अपने डीक्यू कोटे का प्रयोग करते हुए अपने चहेते कर्मचारी को दे दिया।
जबकि शिक्षक रिसर्च स्कॉलर मकान लेने के लिए लंबी कतार मे खड़े है। गजुटा इस फैसले का कड़ा विरोध करती है और मांग करती है कि ये मकान तुरंत खाली करवाया जाए। गजुटा ने 5 बजे के बाद अगर कोई टीचर विभाग में जाकर काम करना चाहता है तो उसे कुलपति से अनुमति लेनी पड़ेगी। इस बात का भी विरोध किया है। वीसी पर गुमशुदगी का व्यंग्य होने पर बनी कमेटी की तो हर दूसरे दिन मीटिंग हो रही हैं किंतु शिक्षकों की समस्याओं के लिए बनी कमेटियों सारी ठप पड़ी हैं। कुलपति के लिए तो उन पर किया व्यंग्य भी एक बड़ी समस्या है, और उधर शिक्षकों की बरसो से रुकी हुई पीएचडी की वेतन वृद्धि एवं मूलभूत सुविधाओं का होना एवं नवनियुक्त शिक्षकों के नियुक्ति पत्र मे खामियां दूर करना आदि समस्याएं है। गजुटा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन मुद्दों पर अगर 17 फरवरी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई तो गजुटा 18 फरवरी से धरने पर बैठेगी।
कार्यकारिणी की बैठक में कुलपति के ढुलमुल रवैये की निंदा की