तीन दिन तेज धूप, फिर बादल और बरसात
मौसमएक बार फिर से परिवर्तन की ओर है। अगले तीन दिनों तक तेज धूप पड़ने के आसार हैं। इसके बाद आसमान में बादल निकल सकते हैं।
संभावना जताई जा रही है कि 17 फरवरी को प्रदेश के कई इलाकों में बरसात भी हो सकती है। ऐसे में सर्दी कुछ दिनों के लिए फिर से लौटकर सकती है। फिलहाल कई दिनों तक अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना बन रही है। न्यूनतम तापमान 17 डिग्री तक कई इलाकों में 10 डिग्री से अधिक हो सकता है।
यहां बढ़ गई है टेंशन
कृषिविभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. सुरेश गहलावत का कहना है कि धूप का इतनी तेजी पकड़ना ठीक नहीं है। अभी पारा यदि कम ही बना रहे तो ठीक होगा। प्रदेश में करीब 25 लाख हेक्टेयर एरिया में गेहूं की फसल को अभी ठंड की दरकार है। अचानक से पारा बढ़ना फसल के लिए किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है।
9 घंटे तक मिल रही धूप
जहांजनवरी माह में 24 दिनों तक लोग धूप को तरस गए थे, वहीं फरवरी के महीने में धूप 9 घंटे तक पड़ रही है। सूर्य की चमक अचानक बढ़ने से लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी श्याम सिंह चौहान का कहना है कि अगले तीन दिनों तक धूप खिल सकती है, फिर वेस्टर्न डिस्टरबेंस असर दिखा सकता है।
फरवरी महीने में गर्मी का रिकार्ड वर्ष 2006 में बना था। 26 फरवरी 2006 को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री तक करनाल में पहुंच गया था। इसी दिन हिसार का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जो कि अब तक का फरवरी माह का सबसे गर्म दिन रहा था। यही रिकार्ड भी है।
^अभी घबराने की जरूरत नहीं है। औसत तापमान 25 डिग्री तक बना रहे तो भी ठीक रहेगा। इसलिए फिलहाल फसल को किसी तरह की दिक्कत नहीं है। डॉ.इंदु शर्मा, डायरेक्टर गेहूं निदेशालय करनाल।
आईएमडी के अनुसार 15 फरवरी से डब्ल्यूडी का असर शुरू हो जाएगा। इसी दिन से प्रदेश के कई इलाकों में आसमान में बादल छा सकते हैं। इसके बाद 16 17 को गहरा सकते हैं। 15 को पहाड़ी इलाकों 17 को मैदानी इलाकों में पश्चिम विक्षोभ असर दिखा सकता है। इससे प्रदेश के कई इलाकों में बूंदाबांदी या बरसात की संभावना है।
फरवरी महीने में कई बार ऐसी स्थिति आई है जब पारा जीरो या इससे नीचे भी गया है। एक फरवरी 1929 को न्यूनतम तापमान हिसार में -2.2 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था। उसके बाद से फरवरी कभी भी इतना ठंडा नहीं गया। मौसम के जानकार पहले ही यह कह चुके हैं कि पिछले 100 साल में तापमान में एक डिग्री तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
बुधवार अल सुबह आसमान में बादल छा गए, जो कि दोपहर तक बने रहे। इससे पारा आधा डिग्री तक घट गया। नमी सुबह 97 दोपहर बाद 55 फीसदी रही। हवा का दबाव सुबह 9.5 दोपहर बाद बढ़कर 9.6 डिग्री हो गया। हवा की गति पश्चिम की ओर से 1.6 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मैदानी इलाकों में पंजाब का अमृतसर सबसे ठंडा रहा।
25 डिग्री तक औसत तापमान गेहूं की फसल को नहीं देता दिक्कत