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106 प्रेमी जोड़ों को किया सम्मानित

7 वर्ष पहले
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प्रदेशमें बढ़ते खापों के प्रभाव और ऑनर किलिंग की घटनाओं के बीच शहर में शुक्रवार को अंतरजातीय प्रेम विवाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सनातन धर्म चेरिटेबल ट्रस्ट के दूसरे स्थापना दिवस पर सुशीला भवन में आयोजित समारोह में 106 प्रेमी-जोड़ों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब डाॅ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई। पंजाब से आए लोक संस्कृति कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह की शोभा बढ़ाई। समारोह में ट्रस्ट द्वारा करवाए गए 106 प्रेम विवाह जोड़ों में से 96 अंतरजातीय प्रेमी जोड़ों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा कार्यक्रम में दस प्रेमी जोड़े स्वतंत्र रूप से शामिल हुए। समारोह में आए मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथियों ने प्रेमी जोड़ों को सनातन धर्म चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस दौरान मुख्य अतिथि जिला संरक्षक कम बाल विवाह निषेध अधिकारी बबीता चौधरी, विशिष्ट अतिथि रामनिवास शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुनीता यादव ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय चौहान ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी स्वतंत्रता से जीने का अधिकार है। जातिवाद के कारण देश में विकास नहीं हो रहा। इसके उन्मूलन के लिए भारतीय संविधान में दिए गए प्रावधानों के अनुसार प्रेम विवाह सबसे उपयुक्त मार्ग है। सम्मान समारोह में ट्रस्ट की ओर से कराए गए वैवाहिक जोड़ों ने भी अपने अनुभव लोगों के साथ साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट के प्रधान संजय चौहान और संचालन डॉ. राजेश मेहंदिया ने किया। इस मौके पर संस्था के पदाधिकारी उपप्रधान जगदीश गुज्जर, रजत कल्सन, डाॅ. प्रदीप अंबेडकर, बजरंग इंदल, मनोज कुश, बलजीत ठाकुर, नरशी बेवान, नरेश लितानी, कोषाध्यक्ष संदीप गैरा, विपिन मेहता, सुनील चौहान, नरेश सैनी डाॅ. कविता सरोहा आदि मौजूद रहे।



मांग : प्रेमी जोड़ों को ये मिलें सुविधाएं

>प्रेमीजोड़ों के रहने के लिए सुरक्षित स्थान उचित व्यवस्था कराई जाए।

>अंतरजातीय विवाह करने वाले प्रेमी जोड़ों को सरकार की ओर 10 लाख रुपये अनुदान दिया जाना चाहिए। वर्तमान में यह राशि 50,000 रुपये है।

>ऑनर किलिंग की घटनाओं को देखते हुए प्रेमी-युगलों उनके पारिवारिक सदस्यों की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध होने चाहिए।

>खेल नीति की तर्