दागियों को कोल ब्लाॅक की नीलामी की जाए
भास्कर न्यूज | हिसार/दिल्ली
इनेलोसांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि पिछले कोल आबंटन के दागियों को कोयले की बोली में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। जिन जनजातियों को कोयला खदानों वाले क्षेत्र से उजाड़ा जाता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वास सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए। वह शुक्रवार को लोकसभा में कोल माइंज (विशेष प्रावधान) बिल 2014 पर चर्चा में भाग ले रहे थे।
उन्होंने बिल का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले दो सालों से सर्वोच्च न्यायालय के अंदर व्यापक दलीलों के बाद कोल ब्लाॅक आवंटन रद्द किए गए थे, क्योंकि पिछली यूपीए सरकार ने आबंटन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं भ्रष्टाचार किया था। आज देश में 250 गीगा वाट यूनिट बिजली पैदा करने की क्षमता है, लेकिन कोयले की कमी के कारण मात्र 156 गीगावाट बिजली ही पैदा कर रहे हैं। यह नुकसान औद्योगिक क्षेत्र अथवा घरेलू क्षेत्र में हो रहा है।
इनेलो सांसद ने कहा कि कोयले के आयात में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है और उसे मलेशिया अथवा अन्य देशों से बड़े स्तर पर कोयले का आयात करना पड़ रहा है। इससे देश का बहुत सा पैसा अन्य देशों को जा रहा है। कोयले की खपत की कमी के कारण पिछले दो सालों के दौरान देश को 15 बिलियन यूनिट बिजली का नुकसान उठाना पड़ा है। हरियाणा में कोयले पर आधारित 12 ताप बिजली घर हैं और उनमें से कोयले की कमी के कारण चार यूनिट डेढ़ साल तक और पांच यूनिट छह महीनों तक बंद पड़े रहे।
युवा सांसद ने केंद्रीय कोयला मंत्री से मांग कि वे कोयले के कुल उत्पादन में से 80 प्रतिशत कोयला बिजली सेक्टर को आबंटित करें, ताकि देश में बिजली की किल्लत रहे। उन्होंने बिल की कुछ विशेष धाराओं को लेकर भी सुझाव देते हुए कहा कि बिल के धारा 4/5 के अंदर कहा गया है कि जिन्हें पिछले कोल आबंटन मामले में तीन साल से ज्यादा की सजा हुई है वे अब उसमें भाग नहीं ले पाएंगे। इनेलो सांसद ने कोयला मंत्री से आग्रह किया कि इस तीन साल की अवधि की जगह यह प्रावधान किया जाए कि जो भी दागी हैं, जिन्हें चाहे एक दिन की भी सजा क्यूं हुई हो उन्हें प्रतिबंधित किया जाए ताकि दोबारा ऐसे लुटेरे आगे पाएं।