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ट्रैफिक जाम खुलवाने के लिए निकल पड़ते हैं जैन साहब
उम्रकरीब 80 वर्ष और अभी भी समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा। हम बात कर रहे हैं रेलवे स्टेशन की पीछे ज्योतिपुरा में रहने वाले राजेंद्र कुमार जैन की। राजेंद्र जैन को शहर में कहीं जाम लगा नजर आता है तो वे तुरंत उसको खुलवाने के लिए चल देते हैं। वे इतने कम समय में जाम से निजात दिलाते हैं सभी हैरान हो जाते हैंै।
राजेंद्र कुमार जैन एक बिजनेस मैन हैंै। रेलवे रोड पर उनकी इलेक्ट्रॉनिक्स की दो दुकानें हैंै। अपने कारोबार को बेटों के हवाले कर वे समाजसेवा में लगे हुए हैं। उनका अधिकांश समय समाज सेवा में ही बीत जाता है। राजेंद्र का कहना है कि उन्हें समाज सेवा कर आंतरिक शांति मिलती हैं। राजेंद्र जैन ने बताया कि जब वे शहर की सड़कों से गुजरते थे तो कदम-कदम पर लगते जाम को देख कर उनका मन दुखी होता था। कई बार उन्होंने जाम में फंसे लोगों को लड़ते देखा उसी से प्रेरित होकर उनके मन में विचार अाया एेसा कुछ किया जाए, जिससे शहर में लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलें। बस यही से उन्होंने प्रेरणा मिली।
नागोरी गेट पर जाम को लगने ही नहीं देंगे और तलाकी गेट में 20 सेकंड में जाम से छुटकारा
नागोरीगेट पर वाहनों की भीड़ भी अधिक लगी रहती है। क्योंकि यहां से बस स्टैंड अौर परिजात चौक की तरफ से आने वाले अधिकांश वाहन गीता पनवारी की दुकान के सामने से गुजरते है इसके अलावा राजगुरु मार्केट की तरफ से आने वाले अधिकांश वाहन भी गीता पनवारी वाली गली में आते जाते रहते है। इसके कारण गीता पनवारी से लेकर नगोरी गेट तक जाम लगा रहता है। इससे निजात पाने के लिए गीता पनवारी वाली गली के बीचोंबीच डिवाइडर लगा देना चाहिए। एेेसे में वाहनों की आवाजाही में आसानी होगी और भीड़ भी नहीं लगेगी। इसके अलावा यहां से गुजरने वाली सड़क के दाेनाें तरफ 3-3 फीट की पीली लाइन लगा दी जानी चाहिए। ताकि बाइक आदि वाहन पीली पट्टी के अंदर खड़ी की जा सकें। एेसे में वाहनों का आवागमन होता रहेगा और जाम भी नहीं लगेगा। इधर, तलाकी गेट पर ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था होनी चाहिए। उनकी सिग्नल का समय 10 सेकंड का होना चाहिए। इसके अलावा यहां पर सड़क के दोनों तरफ पीली पट्टी लगा देनी चाहिए। इससे महज 20 सेकंड में जाम से छुटकारा मिल जाएगा।
डाबड़ा चौक पर लगने वाले जाम को 30 सेकंड में खोलने का दावा
राजेंद्रकुमार जैन का दावा है कि वह डाबड़ा चौक पर घंटों लगे रह