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माखन जीव की आत्मा और मटका शरीर : रोहित कृष्ण

7 वर्ष पहले
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बैंककॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार को आचार्य रोहित कृष्ण ने बताया की भगवान श्रीकृष्ण ने माता देवकी और वसुदेव के आठवें संतान के रूप में जन्म लिया। जन्म लेने के बाद वसुदेव ने उन्हें गोकुल पहुंचा दिया, वहां पर भगवान ने पूतना का वध किया। उन्होंने पूतना का अर्थ अविद्या अज्ञानता बताया। जब तक मनुष्य के अंदर से अविद्या अज्ञानता दूर नहीं हो जाती तब तक वह परमात्मा से नहीं मिल सकता।

आचार्य ने भगवान की माखन चोरी, मिट्टी खाने की लीलाओं का वर्णन किया। माखन चोरी की लीला के बारे में बताते हुए आचार्य ने कहा कि माखन जीव की आत्मा है मटका शरीर अर्थात आत्मा का परमात्मा से मिलन हो जाता है और यह शरीर यहीं नष्ट हो जाता है। इसके बाद वत्सासुर अकासुर के वध की कथा सुनाई। गोवर्धन पर्वत की कथा सुनाते हुए कहा कि जब भगवान ने गोवर्धन की पूजा करवाई तो इंद्र ने क्रोधित होकर ब्रज में जमकर बारिश करवाई। इस पर भगवान ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा कि और इंद्र का घमंड दूर किया। इस कलयुग में जो प्राणी गोवर्धन की पूजा करता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। बैंक कॉलोनी के श्रद्धालुओं ने गोवर्धन की पूजा की पंडित अनिल शास्त्री ने वेद मंत्रों के साथ पूजन करवाया।

बैंक कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते श्रद्धालु।

रोहित कृष्ण।