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सूटेड-बूटेड बच्चे उड़ा रहे शादी का शगुन

7 वर्ष पहले
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शादीके सीजन में शातिर चोरों ने भी अपने हाथ गर्म करने शुरू कर दिए हैं। मैरिज होम बैंक्वेट हॉल में घरातियों और बारातियों की व्यस्तता का फायदा उठाकर माल पार करने वाला गिरोह फिर सक्रिय हो गया है। भीड़भाड़ और शादी ब्याह के जश्न के बीच चोरी की वारदात के लिए शातिर बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछली वारदात देखकर पता चलता है कि सूटेड-बूटेड बच्चे मैरिज होम में पहुंचते हैं और मौका मिलते ही नकदी और आभूषण चोरी कर भाग निकलते हैं।

पुलिस के लिए ऐसे बच्चों का गिरोह सिरदर्द बना हुआ है। खास बात ये है कि शहर में कई मैरिज होम में हुई ऐसी वारदातों की पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली है। पर ये बच्चे चोरी कर फुर्र हो जाते हैं और पुलिस लकीर पिटती रहती है। हाल ही में दिल्ली रोड स्थित एक मैरिज होम में रिंग सेरेमनी के दौरान शातिर बच्चों ने लाखों के आभूषण और नकदी से भरा बैग चोरी कर लिया।

इन जिलों में हैं सक्रिय

शादियोंके सीजन में शातिर बच्चों का गैंग हिसार सहित अन्य जगहों पर भी सक्रिय हो जाता है। ये भिवानी, सिरसा, जींद और फतेहाबाद जिलों में भी सक्रिय है। कई जगह ऐसी वारदातें सामनें चुकी हैं।

शादी में वारदात करने वाले गिरोह में अधिकतर बच्चे मध्यप्रदेश के गांवों के होते हैं। शातिर बदमाश इन बच्चों को गुमराह करके बाद में ट्रेनिंग देते हैं। इनमें अधिकतर बच्चे मध्य प्रदेश के राजगढ़, पचोर, उज्जैन सहित अन्य क्षेत्रों के बच्चे शामिल होते हैं। पुलिस ने पहले ऐसे ही बच्चों के गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

गिरोह के सरगना बच्चों के गांव में जाकर इनके माता पिता से संपर्क साधते हैं। रुपयों का लालच देकर और अच्छा काम सिखाने का हवाला देकर तय समय के लिए बच्चों को ठेके पर लिया जाता है। अभिभावकों को भुगतान पहले ही कर दिया जाता है। इसके बाद इन बच्चों को जुर्म की ट्रेनिंग दी जाती है।

ये भी पेचीदगी

पुलिस और जनता के लिए सिरदर्द बने चुके ऐसे बच्चों को पकड़ने में पुलिस को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन शातिर बच्चों को काबू करने में सबसे बड़ी परेशानी सुप्रीम कोर्ट की बाल अपराधी के संबंध में जारी की गाइडलाइन्स हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर जारी गाइडलाइन के अनुसार पुलिस को स्पष्ट निर्देश है कि वह किसी भी सूरत में बाल अपराधी की पहचान सार्वजनिक करें। साथ ही बाल अपराधी को काबू करते ही तुरं