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भगवान पूर्ण ज्ञानी या अज्ञानी को ही मिलते हैंै: सुभाष कृष्ण

7 वर्ष पहले
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जयश्रीराम महिला संकीर्तन मंडल की ओर से कुंजलाल गार्डन स्थित जय श्रीराम प्रभात फेरी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार को आचार्य सुभाष कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान जीव को दो ही अवस्थाओं में प्राप्त होते हैं। पूर्ण रूप से ज्ञानी या अज्ञानी को हो भगवान मिलते है। जब तक जीव भक्ति रूपी यमुना के किनारे नहीं पहुंचता तब तक भगवान की प्राप्ति नहीं होती। बाल लीलाओं में माटी भक्षण करके पंच तत्वों को अपने अंदर समाहित किया क्योंकि परमात्मा पंचतत्वों से परे हैं। चीर हरण लीला करके कृष्ण ने गोपी रूपी जीव से अविद्या रूपी वस्त्र चुराकर उनमें ज्ञान भर के लौटाया। उन्होंने गोवर्धन पर्वत छप्पन भोग का विस्तार से प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान गाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। महिला मंडल की प्रधान दर्शना चाणना ने बताया कि कथा में आरा यूनियन के पदाधिकारी, श्रवण असीजा प्रभा सेहरा अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। सभी अतिथियों को आचार्य सुभाष कृष्ण शास्त्री ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

कुंजलाल गार्डन में भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।