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एशियाड में नरेंद्र को कांस्य से ही करना पड़ा संतोष

7 वर्ष पहले
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पिता के साथ फोन पर बातचीत में बोला नरेंद्र ग्रेवाल- मेरा क्या कसूर

भास्करन्यूज | हिसार

सातरोडखास निवासी नरेंद्र ग्रेवाल को एशियन गेम्स के वुशू मुकाबले में कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। परिजन और देशवासियों को उससे गोल्ड मेडल की उम्मीद थी। मंगलवार को यह आशा उस समय निराशा में बदल गई जब सेमीफाइनल मुकाबले में नरेंद्र को पराजित करार दिया। निर्णायकों के इस निर्णय से नरेंद्र के माता-पिता अन्य परिजनों में नाराजगी है।

नरेंद्र के पिता गांव सतबीर ग्रेवाल ने बताया कि नरेंद्र ने अपने दो राउंड 2-0 से अपने नाम किए। लेकिन तीसरे राउंड में प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को विजयी घोषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझ कर नरेंद्र को पराजित घोषित किया है। मैच के बाद नरेंद्र ने फोन पर बातचीत में कहा पापा मेरी क्या गलती है। मैंने तो पूरा दमखम लगाया था।