जिले के मतदाताओं की स्थिति
ग्रेजुएट पोस्ट ग्रेजुएट मतदाता सिर्फ 5 फीसदी
जनपदके साक्षर मतदाताओं के पास प्रत्याशियों के भाग्य की चाबी रहेगी। विधानसभा चुनाव में इस बार बेशक ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट वोटर रूठ तो प्रत्याशी इस बार घबराएंगे। ऐसा इसलिए है क्यों कि ग्रेजुएट और पाेस्ट ग्रेजुएट केवल 5 प्रतिशत ही मतदाता हैं। विधानसभा चुनाव के महासमर में 1105 पोलिंग स्टेशनों पर कुल 11,52,457 वोटर इस महाकुंभ के साक्षी बनेंगे।
मजेदार बात यह है कि मध्यम वर्गीय परिवारों की जरूरतों का हवाला देकर सड़क, बिजली, रोजगार, पानी शिक्षा आदि के नारे बुलंद किए जा रहे हैं। जिससे इस वर्ग को लुभाकर अपनी तकदीर लिखी जा सके। हालांकि वोटरों के मिजाज का रुख भांपने के लिए सीआरआरआईडी (सेंटर फॉर रिसर्च इन रूरल एंड इंड्रस्ट्रियल डवलपमेंट चंडीगढ़) ने फील्ड में सर्वे कराया। मतदाताओं के मिजाज को परखते हुए यह तय किया कि मिडिल फैमिली और साक्षर मतदाताओं की तादाद सर्वाधिक है, इसलिए इन्हें मनाने के लिए प्रत्याशी चुनाव के दौरान भरसक कोशिश में रहते हैं। इससे यह भी तय है कि साक्षर वोटरों का आर्शीर्वाद ही प्रत्याशी की जीत तय करेगा।
साक्षरोंकी तर्ज पर मध्यम वर्ग ही प्रत्याशियों को बनाएंगे विजेता
आयके लिहाजे से मध्यम वर्ग (मिडिल फैमिली) के वोटर बेशक अपनी किस्मत पलट सकें हों लेकिन इस विधानसभा चुनाव जिस प्रत्याशी को इनका साथ मिल जाएगा, उसी प्रत्याशी की किस्मत चमक जाएगी। चूंकि वोटरों के लिहाजे से गरीब और अमीर वोटरों से कई फीसद अधिक मध्यम और सामान्य कैटेगरी के वोटर हैं। यही कारण है कि प्रत्याशी मिडिल फैमिलियों को साधने जुटे हुए हैं।
प्रसारण के लिए तीन दिन पहले देनी होगी जानकारी
निर्वाचनअधिकारी डॉ. एम एल कौशिक ने बताया कि सातों विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को टीवी चैनल पर अपने चुनाव प्रचार से संबंधित कोई भी विज्ञापन/डाक्यूमेंट्री का प्रसारण करवाना है, तो उसे राज्य स्तर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, चंडीगढ़ (राज्य निर्वाचन विभाग, 30 वेज, बिल्डिंग सेक्टर,17 चंडीगढ़) में गठित एमसीएमसी से पूर्वानुमति लेनी होगी। हउकलाना विधानसभा क्षेत्र (आरक्षित) के लिए उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. एमएल कौशिक ने बताया कि भेड़ फार्म के उपनिदेशक डाॅ. कल्याण सिंह की टीम की गांव गैबीपुर , खरकड़ा, बोबुआ